NEET परीक्षा से पहले EOU ऐक्शन में

NEET परीक्षा को लेकर बिहार में हाई अलर्ट, अफवाह फैलाई तो सीधे जेल, EOU ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

नीट-यूजी 2026 परीक्षा में धांधली रोकने के लिए बिहार पुलिस (EOU) ने विशेष मॉनिटरिंग सेल बनाया है। सोशल मीडिया पर नजर रखने के साथ ही 135 पुराने जालसाजों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

By : Anshuman Parashar
NEET परीक्षा को लेकर बिहार में हाई अलर्ट, अफवाह फैलाई तो सीधे जेल, EOU ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: NEET-UG 2026 के आयोजन को लेकर बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, साफ-सुथरा और नकलविहीन बनाने के लिए एजेंसी ने एक विशेष निगरानी सेल का गठन किया है। इस सेल का मुख्य काम परीक्षा प्रक्रिया में व्यवधान डालने की कोशिश करने वाले संदिग्ध तत्वों पर पैनी नजर रखना है, ताकि किसी भी तरह के कदाचार की गुंजाइश को खत्म किया जा सके।

जालसाजी के पुराने खिलाड़ियों की घेराबंदी, पुलिस खंगाल रही कुंडली

आर्थिक अपराध इकाई ने राज्य के ऐसे 135 शातिर चेहरों की पहचान की है, जिनका पुराना रिकॉर्ड दागदार रहा है। ये वो लोग हैं जो पहले भी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने, फर्जी परीक्षार्थी (स्कॉलर) बैठाने या अन्य तकनीकी धोखाधड़ी में संलिप्त पाए गए थे। पुलिस इन सभी की वर्तमान गतिविधियों और लोकेशन को लगातार ट्रैक कर रही है ताकि वे दोबारा कोई साजिश न रच सकें।

फेसबुक से लेकर टेलीग्राम तक सख्त पहरा, साइबर ठगों से बचने की सलाह

इसके साथ ही EOU ने अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। पुलिस का कहना है कि परीक्षा के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हो सकते हैं, जो फर्जी कॉल, संदेश या ईमेल के जरिए प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी उपलब्ध कराने का झूठा झांसा देकर मोटी रकम वसूलने की कोशिश करते हैं। इस पर लगाम लगाने के लिए पुलिस की साइबर विंग फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप, टेलीग्राम और एक्स (ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की हर गतिविधि को बारीकी से स्कैन कर रही है।

भ्रामक पोस्ट फॉरवर्ड करने पर होगी कानूनी कार्रवाई, केवल आधिकारिक सूचनाओं पर करें भरोसा

जांच एजेंसी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि इंटरनेट पर फर्जी प्रश्नपत्र या भ्रामक जानकारियां फैलाकर छात्रों के बीच भ्रम और डर पैदा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे तत्वों के खिलाफ सीधे जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट पोस्ट को आगे फॉरवर्ड न करें और केवल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी या संबंधित सरकारी विभागों की आधिकारिक घोषणाओं को ही सच मानें।

गड़बड़ी दिखे तो यहाँ करें शिकायत, जारी हुए हेल्पलाइन नंबर

ईओयू ने जनता से भी इस व्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग मांगा है। यदि किसी को भी सोशल मीडिया या इंटरनेट पर नीट परीक्षा से जुड़ा कोई संदिग्ध दावा या लीक की अफवाह दिखाई देती है, तो उसका स्क्रीनशॉट और लिंक संभाल कर रखें। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी जा सकती है।

शिकायत दर्ज कराने के माध्यम:

  • EOU का विशेष मोबाइल/व्हाट्सएप नंबर: 9031829067

  • राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर: 1930

  • इसके अलावा छात्र सीधे अपने नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन में भी जाकर शिकायत दे सकते हैं। परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे और हर संदिग्ध गतिविधि पर सख्त कार्रवाई होगी।