न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
राहुल कुमार/शेरघाटी: इमामगंज थाना क्षेत्र की मल्हारी पंचायत के फतेहपुर गांव से मजदूरी के लिए बाहर गए 11 वर्षीय रोहित कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने काम कराने के दौरान लोहे की रॉड से पीटकर उसकी हत्या करने और साक्ष्य मिटाने के लिए शव जला देने का आरोप लगाया है। हालांकि, शव अब तक बरामद नहीं हुआ है।
रोहित की मां सरिता देवी ने थाने में आवेदन देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। परिजनों के अनुसार, 27 अगस्त को रोहित समेत तीन नाबालिग बच्चों को नौकरी दिलाने के नाम पर अतरी थाना क्षेत्र के वंडी गांव निवासी शमशीर खान और फैज अकरम अपने साथ ले गए थे। करीब 20 दिन बाद परिजनों को रोहित की मौत की सूचना मिली।
साथ काम कर रहे एक नाबालिग के अनुसार, काम के दौरान फैज ने रोहित के सिर पर लोहे की रॉड से हमला किया था। गंभीर चोट लगने के बाद भी उसका समुचित इलाज नहीं कराया गया। अगले दिन उसकी मौत होने की बात साथी ने बताई। आरोप है कि इसके बाद रोहित का शव जला दिया गया और अन्य बच्चों को वहां से वापस गया भेज दिया गया।
परिजनों का कहना है कि उन्हें न तो शव दिखाया गया और न ही मौत से संबंधित कोई प्रमाण दिया गया है। मामले में पुलिस से शव बरामद करने और आरोपों की गंभीरता से जांच कराने की मांग की गई है। पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।