न्यूज 11 भारत/पटना डेस्क: केंद्रीय मंत्री और हम (सेकुलर) के संरक्षक जीतन राम मांझी पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती हो गए हैं। जीतन राम मांझी की तबीयत को लेकर पार्टी नेताओं की तरफ से बयान भी सामने आया है। पार्टी नेताओ का कहना है कि केंद्रीय मंत्री सामान्य रूटीन चेकअप के लिए पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, मांझी जी की तबीयत बिल्कुल ठीक है। वे पटना के एक निजी अस्पताल में सिर्फ सामान्य रूटीन चेकअप के लिए भर्ती हैं और चिकित्सकों द्वारा उनकी आवश्यक जांच की जा रही है। कहीं से भी कोई चिंताजनक बात नहीं है। उनकी जांच सामान्य है और वे पूरी तरह स्वस्थ एवं सामान्य हैं। पार्टी नेताओं ने यह भी कहा है कि इस संबंध में किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक खबर पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। वे जल्द ही स्वस्थ होकर आप सभी के बीच आएंगे।
आरक्षण पर बयान से जीतन राम मांझी चर्चा में थे
बता दें कि जीतन राम मांझी हाल के दिनों में आरक्षण के मुद्दे पर अपने बयान को लेकर चर्चा में थे। दरअसल केंद्रीय मंत्री लोजपा (रामविलास) पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने पहले कहा था कि आरक्षण कोई खैरात नहीं, बल्कि संविधान द्वारा मिला अधिकार है। आरक्षण की व्यवस्था को कमजोर या समाप्त करने की कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसपर प्रतिक्रिया देते हुए संतोष सुमन ने कहा था कि आरक्षण के समीक्षा की बात को इसे समाप्त करने की मांग के रूप में देखना पूरी तरह गलत है।
यह दलितों, आदिवासियों और वंचित वर्गों का संवैधानिक अधिकार है। दो नेताओं के बीच आरक्षण को लेकर हो रही बयानबाजी के बीच जीतन राम मांझी ने कहा था कि आरक्षण के अंदर पिछड़ी जातियों को अलग से आरक्षण मिलना चाहिए। चिराग संतोष सुमन की बात नहीं समझ रहे। पहले उनको इस्तीफा देना चाहिए।
जीतन राम मांझी ने उदाहरण देते हुए कहा था कि जब पंजाब में बंटवारा नहीं था तो क्लास 1 में 7-8 जातियां थीं, जो 95 प्रतिशत उसका लाभ ले रही थीं, लेकिन जब बंटवारा हुआ तो वो जातियां थीं। वे 45 प्रतिशत पर सिमट गईं। जिसे लाभ नहीं मिल रहा था, उसे भी लाभ मिलना शुरू हो गया। बिहार में भी दलित और महादलित वर्ग बना। उन्होंने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप आरक्षण में बंटवारा होना चाहिए, जिससे नीचे तबके के वे लोग जो आरक्षण का लाभ नहीं ले पाए, उन्हें लाभ मिल सके।