न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
राज कुमार विश्वकर्मा/नालंदा: बिहारशरीफ प्रखंड के मानपुर स्थित दरियापुर के पास सकरी नदी पर बना पुल करीब तीन महीने पहले क्षतिग्रस्त हो गया था। पुल की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने उस पर वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी थी। लोगों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से नदी में तत्काल डायवर्सन के रूप में छिलका का निर्माण कराया गया था। लेकिन अचानक सकरी नदी में पानी बढ़ने से छिलका भी डूब गया है। इसके बाद मानपुर और आसपास के ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल के रास्ते बिहारशरीफ और आसपास के इलाकों के बीच आवागमन होता था। पुल क्षतिग्रस्त होने से पहले यहां से साइकिल, ट्रैक्टर समेत अन्य वाहनों का लगातार परिचालन होता था, जिससे यह इलाका काफी गुलजार रहता था। पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद फिलहाल लोगों को केवल पैदल आवागमन की अनुमति है, जबकि वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले जो सफर महज चार किलोमीटर में पूरा हो जाता था, अब वैकल्पिक मार्ग से करीब 40 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि डायवर्सन बनाने में जितनी राशि खर्च की गई, यदि उतनी राशि पुल की मरम्मत में खर्च कर दी जाती तो शायद अब तक पुल से वाहनों का परिचालन शुरू हो गया होता।
पुल की सुरक्षा को देखते हुए मानपुर थाना की पुलिस को मौके पर तैनात किया गया है। पुलिस द्वारा लोगों को पुल के ऊपर से गुजरने से रोका जा रहा है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल पर आवागमन प्रतिबंधित किया गया है।
इधर, स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सकरी नदी में पिछले एक दिन से लगातार पानी बढ़ रहा है और नदी ने विकराल रूप लेना शुरू कर दिया है। यदि इसी तरह पानी का जलस्तर बढ़ता रहा तो आसपास के गांवों में भी बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो सकता है। साथ ही सैकड़ों बीघा में लगी फसल के डूबने और बर्बाद होने की आशंका है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत कराने और स्थायी आवागमन बहाल करने की मांग की है।