न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज 8वीं पुण्यतिथि है. भारतीय राजनीति में वाजपेयी का सफर कई ऐतिहासिक घटनाओं का गवाह रहा. खासतौर पर 1996 का लोकसभा चुनाव और उनकी 13 दिन की सरकार आज भी याद की जाती है.
पहली बार बने 13 दिन के प्रधानमंत्री
1996 के लोकसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था. बीजेपी 161 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. राष्ट्रपति ने सबसे बड़े दल के रूप में उभरी भारतीय जनता पार्टी के नेता अटल बिहारी वाजपेयी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया. उन्होंने 16 मई 1996 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, लेकिन बहुमत साबित नहीं कर पाने के कारण सिर्फ 13 दिन बाद इस्तीफा देना पड़ा.
दूसरी बार एक वोट से गिरी सरकार
इसके बाद एच.डी. देवगौड़ा और फिर इंद्र कुमार गुजराल प्रधानमंत्री बने, लेकिन दोनों सरकारें ज्यादा समय तक नहीं चल सकीं. 1998 में वाजपेयी दोबारा प्रधानमंत्री बने, हालांकि सहयोगी जयललिता के समर्थन वापस लेने के बाद उनकी सरकार एक वोट से गिर गई.
तीसरी बार पूरा किया कार्यकाल
1999 में वाजपेयी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने. इस बार उन्होंने गठबंधन सरकार के साथ अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया. और इसी के साथ वे पूर्ण कार्यकाल पूरा करने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने.
राजनेता के साथ-साथ वाजपेयी एक कवि, पत्रकार और प्रखर वक्ता भी थे. भारतीय राजनीति में उनके योगदान को आज भी याद किया जाता है. उनकी पुण्यतिथि पर देश उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है.
इसे भी पढ़ें: जनगणना का दूसरा चरण शुरू होने वाला है, आपसे पूछे जाएंगे 40 सवाल, पहले से कर लें तैयारी