न्यूज11 भारत
रांची/डेस्क: आस्था के महापर्व छठ की शुरुआत शनिवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हो रहा है. छठ ऐसा महापर्व है जिसमें शुद्धता का पूरा ध्यान रखा जाता है. पर्व की शुरुआत से पहले व्रती पवित्र नदियों, तालाब या फिर गंगाजल से स्नान करके खुद को शुद्ध करते हैं, इसके बाद कद्दू-भात का सेवन कर व्रत की शुरुआत करते हैं. लौकी-भात का सेवन आंतरिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है. मिट्टी के चूल्हे पर बना यह भोजन शुद्ध तो है ही पर्यावरण की भी शुद्धता का संदेश देता है. यही कारण है कि कद्दू-भात को 'आस्था का प्रथम प्रसाद' मान कर इसे ग्रहण किया जाता है.
भारतीय संस्कृति में धर्म से जुड़ी हर मान्यता के पीछे वैज्ञानिक कारण भी छुपा हुआ है. सूर्य की उपासना का यह पर्व भी विज्ञान के ही इर्द-गिर्द घूमता है. व्रत की शुरुआत में कद्दू-भात खाना भी विज्ञान का ही एक हिस्सा है. एक तो कद्दू भात खाने का वैज्ञानिक पक्ष यह है कि यह सुपाच्य होता है. साथ ही, वजन प्रबंधन, हृदय स्वास्थ्य, ब्लड शुगर नियंत्रण और रोग प्रतिरोधकता को नियंत्रित करता है. कद्दू में मौजूद फाइबर, विटामिन ए, बीटा-कैरोटीन,, विटामिन सी, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो व्रती की शारीरिक क्षमताओं को दुर्बल नहीं होने देते हैं.
व्रत से पहले कद्दू का सेवन एक और कारण से उत्तम माना जाता है. जब भी कोई व्यक्ति उपवास करता है तो उसके शरीर में अम्लीयता का खतरा रहता है यानी शरीर में अम्ल बनना शुरू होता है जो कि शरीर के लिए नुकसान देह हो सकता है, लेकिन कद्दू इसे नियंत्रित कर सकता है. दरअसल, कद्दू की तासीर क्षारीय है. जिन्होंने मैट्रिक तक भी विज्ञान की पढ़ाई की होगी, उन्हें यह जरूर याद होगा कि क्षार अम्ल के मिलकर उसे नॉर्मल कर देता है. यही कारण है कि अम्लीयता के कारण होने वाले हृदय रोगों से बचाव के लिए कद्दू के सेवन की सलाह दी जाती है.
वैज्ञानिक दृष्टि से कद्दू-भात खाने के लाभ
- कद्दू में फाइबर की अच्छी मात्रा होने के कारण यह पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है.
- कद्दू में कैलोरी कम और पानी की अधिकता होती है जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है और भूख कम लगती है. साथ ही वजन भी नियंत्रित रहता है.
- पोटैशियम से भरपूर होने के कारण कद्दू रक्तचाप को नियंत्रित करने में सक्षम है जिससे हृदय स्वास्थ्य सही रहता है.
- कद्दू में मौजूद फाइबर ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है.
- कद्दू मधुमेह के रोगियों के लिए भी फायदेमंद होता है.
- कद्दू में मौजूद कार्बोहाइड्रेट से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है. इससे शरीर की सक्रियता बढ़ती है.
- कद्दू में मौजूद बीटा-कैरोटीन, विटामिन सी और फोलेट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है.
- कद्दू में मौजूद बीटा-कैरोटीन सामान्य विजन के साथ नाइट विजन को सही रखता है. यानी आंखों के स्वास्थ्य के लिए भी यह फायदेमंद है।
- कद्दू में मौजूद ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन मैक्युलर डीजनरेशन और मोतियाबिंद से बचाते हैं.
- कद्दू एंटीऑक्सीडेंट भी है जो त्वचा को स्वस्थ रखने और बढ़ती उम्र के प्रभावों को कम करता है.