अम्बर कलश तिवारी/न्यूज11 भारत
धनबाद/डेस्क: राज्यभर में खाद्य तेल की खपत को कम करने के लिए विशेष मुहिम शुरू होगी. स्वास्थ्य विभाग यह मुहिम चलाएगा. इसके लिए महिलाओं को जागरूक किया जाएगा. विभाग का मानना है कि रसोई की अधिकतर जिम्मेवारी महिलाओं पर ही होती है. इस अभियान के तहत महिलाओं के लिए पोषण परामर्श और वेलनेस सत्र आयोजित किए जाएंगे. इसका का लक्ष्य है कि घरों में खाद्य तेल की खपत को कम से कम 10 प्रतिशत तक घटाया जाए. इसकी शुरुआत 17 सितंबर से 22 अक्तूबर तक चलने वाले स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान से की जानी है. अधिकारियों ने बताया कि थोड़े-थोड़े बदलाव से भी बड़ा असर डाला जा सकता है. यदि हर परिवार तेल की खपत कम करता है तो इसका सीधा लाभ परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा. पर भी पड़ेगा.
जिला स्तर पर इसकी तैयारी शुरू हो गई है. इस मुहिम के दौरान डॉक्टर, सीएचओ और स्वास्थ्य कर्मी महिलाओं को अधिक तेल के सेवन से होने वाले नुकसान और कम तेल के इस्तेमाल के फायदे बताएंगे. इसके लिए स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के तहत सभी को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि स्वास्थ्य और भोजन की आदतों में छोटे बदलाव परिवार और समाज के लिए काफी फायदेमंद साबित होते हैं. यह मुहिम केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जीवनशैली सुधार अभियान है. इसमें हर परिवार की सक्रिय भागीदारी जरूरी होगी.
डॉक्टरों की मानें तो ज्यादा खाद्य तेल का इस्तेमाल शरीर पर कई तरह से नकारात्मक असर डालते हैं. इससे मोटापा, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं.
डॉक्टरों के अनुसार अगर तेल का इस्तेमाल सीमित मात्रा में किया जाए तो इसके कई फायदे हैं. संतुलित आहार शरीर को ऊर्जा देता है और बीमारियों का खतरा घटाता है. कम तेल में पका भोजन पचने में आसान होता है और वजन को नियंत्रित रखने में मदद करता है. इसके साथ ही परिवार के खर्चे पर भी सकारात्मक असर पड़ता है. क्योंकि तेल की खपत घटने से बाजार से खरीदारी की आवश्यकता कम होगी.
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