मुमताज अहमद/न्यूज11 भारत
खलारी/डेस्क: सरहुल की पूर्व संध्या पर पिपरवार क्षेत्र के बचरा में आदिवासी समाज द्वारा भव्य और आकर्षक शोभा यात्रा निकाली गई. इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और लोगों में खासा उत्साह नजर आया.
शोभा यात्रा की शुरुआत बचरा श्रमिक क्लब से हुई, जहां से पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे युवक-युवतियों और बुजुर्गों ने एकजुट होकर यात्रा का शुभारंभ किया.इसके बाद यह शोभा यात्रा क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए बचरा चार नम्बर चौक पहुंची,जहां इसका समापन हुआ.यात्रा के दौरान ढोल-नगाड़ों और मांदर की गूंज से पूरा इलाका गुंजायमान हो उठा. पारंपरिक नृत्य और गीतों के माध्यम से आदिवासी संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिली.युवक युवतियां समूह में नृत्य करते हुए आगे बढ़ रहे थे,वहीं महिलाएं भी पारंपरिक परिधान में गीत गाकर इस आयोजन की शोभा बढ़ा रही थीं.इस मौके पर समाज के वरिष्ठ लोगों ने बताया कि सरहुल पर्व प्रकृति पूजा का प्रतीक है,जिसमें पेड़-पौधों और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त किया जाता है.यह पर्व आपसी भाईचारे,एकता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का संदेश देता है.शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए.पूरे रास्ते लोगों ने जगह-जगह यात्रा का स्वागत किया और उत्सव में भागीदारी निभाई.प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ.कुल मिलाकर बचरा में आयोजित यह शोभा यात्रा आदिवासी समाज की समृद्ध परंपरा, संस्कृति और एकता का जीवंत उदाहरण बनी,जिसने पूरे क्षेत्र को सरहुल पर्व के रंग में रंग दिया.
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