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रांची/डेस्क: रांची: राजधानी रांची में सहाफी एसोसिएशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट की ओर से आगामी 10 नवंबर 2026 को राज्य स्तरीय उर्दू कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा. कार्यक्रम की तैयारियों और रूपरेखा को लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में बैठक हुई. इसमें झारखंड के विभिन्न जिलों से आए बुद्धिजीवियों, उर्दू प्रेमियों और पत्रकारों ने हिस्सा लिया. बैठक में कॉन्फ्रेंस को सफल बनाने के साथ-साथ उर्दू भाषा के संरक्षण, संवर्धन और इसके प्रचार-प्रसार पर चर्चा की गई.
बैठक को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि 10 नवंबर का दिन झारखंड में उर्दू की आवाज, पहचान और समृद्ध विरासत को समर्पित होगा. उन्होंने कहा कि उर्दू केवल एक भाषा नहीं, बल्कि साझा तहजीब, संस्कृति और गंगा-जमुनी विरासत का अहम हिस्सा है.
मंत्री ने कहा कि उर्दू मोहब्बत, अदब, इंसानियत और भाईचारे की जुबान है. देश की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बनाने में इस भाषा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उर्दू को किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि झारखंड की बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक पहचान में भी उर्दू की महत्वपूर्ण भूमिका है. भाषा लोगों को जोड़ने का माध्यम है. इसलिए इसके संरक्षण और विकास के लिए साहित्यकारों, शिक्षाविदों, पत्रकारों और युवाओं समेत समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना चाहिए.
हज हाउस में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 10 नवंबर को रांची के हज हाउस में राज्य स्तरीय उर्दू कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा. इसमें झारखंड के विभिन्न जिलों से उर्दू प्रेमियों, साहित्यकारों, पत्रकारों, बुद्धिजीवियों, विद्यार्थियों और समाज के अन्य लोगों को आमंत्रित किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि उर्दू के सम्मान और उसके अधिकारों के लिए समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाने की जरूरत है. यह कॉन्फ्रेंस भाषा, साहित्य और संस्कृति के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने का अवसर बनेगा.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई गणमान्य लोगों के शामिल होने की संभावना
मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, कल्याण मंत्री हफीजुल हसन और वरिष्ठ नेता फुरकान अंसारी समेत कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति प्रस्तावित है.
बैठक में शामिल बुद्धिजीवियों और पत्रकारों ने कॉन्फ्रेंस के आयोजन का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि भाषा और साहित्य के माध्यम से समाज में संवाद, भाईचारा और सांस्कृतिक सौहार्द को मजबूत किया जा सकता है.
स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों से भी कॉन्फ्रेंस को सफल बनाने में सहयोग की अपील की. उन्होंने कहा कि उर्दू की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को समाज के सामने मजबूती से रखने में मीडिया की अहम भूमिका है.
इस बैठक में सहाफी एसोसिएशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट के अध्यक्ष शाहीन अहमद, कार्यकारी अध्यक्ष आसिफ नईम, महासचिव फिरोज जिलानी, सचिव रमीज, सह सचिव फहीम अख्तर सहित कई पत्रकार मौजूद रहे. इनके अलावा मो सईद, मो. वसीम, रहमतुल्लाह, राहिल, महताब, दानिश, आदिल, नेहा वारसी, इमरान, मेराज, मोकर्रम, जावेद और आमिर समेत अन्य लोग भी शामिल हुए.
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