प्रेम कुमार सिंह/न्यूज 11 भारत.
भरनो/डेस्क: आज के बदलते परिवेश में जहां तकनीक जीवन का आधार बन चुकी है,वहीं इसकी बढ़ती लागत ने समाज के एक बड़े वर्ग,विशेषकर ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों को मुख्यधारा से दूर कर दिया है.इसी खाई को पाटने और आदीवासी क्षेत्रों में सशक्तीकरण की नई अलख जगाने के उद्देश्य से,प्रेम सागर फाउंडेशन ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. पिछले 20 वषों से गुमला के आदिवासी अंचल में सेवा दे रहा हैं प्रेम सागर फाउंडेशन ‘द प्रेम रावत.
फाउंडेशन’ के सहयोग से अपने परिसर में एक अत्याधुनिक स्किल डेवलपमेंट ब्लॉक का उद्घाटन किया गया है. यह नया ब्लॉक आधुनिक तकनीक से लैस है,जहां ग्रामीण युवाओं के के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है,जिसमें आधुनिक कंप्यूटर लैब,छात्रों को वैश्विक स्तर की डिजिटल शिक्षा प्रदान करने के लिए नवीनतम सिस्टम और सॉफ्टवेयर. उन्नत सिलाई केंद्र, यहां महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु आधुनिक सिलाई मशीनों से सुसज्जित केंद्र है.
कुशल प्रशिक्षक,यहां विशेष रूप से ऐसे अनुभवी और संवेदनशील शिक्षकों की नियुक्त की गई है जो ग्रामीण परिवेश के बच्चों की आवश्यकताओ को समझते हुए उन्हें सरल और प्रभावी ढंग से प्रशिक्षित कर सकें. विदित हो कि प्रेम सागर फाउंडेशन लंबे समय से वंचित वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित है. प्रेम सागर फाउंडेशन द्वारा विगत 20 वर्षों से इस क्षेत्र के बच्चों,जरूरतमंद बुजुर्गों, गर्भवती एवं दूध पिलाने वाली महिलाओं के लिए 'जन भोजन कार्यक्रम' के तहत निःशुल्क पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे लाभार्थियों के स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव हुए हैं. जन भोजन, कंप्यूटर शिक्षा एवं सिलाई कौशल के अलावा संचार कौशल और करियर परामर्श जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं. इस नए केंद्र के खुलने से क्षेत्र के सैकड़ों युवाओं को न केवल तकनीकी ज्ञान प्राप्त होगा, बल्कि उनके लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे.
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