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रांची/डेस्क: झारखंड हाईकोर्ट के बुधवार के आदेश के बाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड (CUJ) के रजिस्ट्रार आज गुरुवार को अदालत में हाजिर हुए. अदालत में उपस्थित रजिस्ट्रार ने भ्रामक जानकारी देने पर न्यायालय से माफी मांगी. इसके बाद कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस मामले में याचिका दायर करने वाले उम्मीदवार का नामांकन नियमों के अनुसार सुनिश्चित किया जाए.
यह सुनवाई जस्टिस राजेश कुमार की अदालत में चल रही हैं. मामला अमित कुमार चौबे द्वारा दायर याचिका का है, जिसमें उन्होंने 2023-24 सत्र के इंटरनेशनल रिलेशंस विभाग में पीएचडी प्रवेश नीति को चुनौती दी थी.
यूनिवर्सिटी ने 22 अगस्त 2025 को दाखिल पूरक शपथ पत्र में दावा किया था कि उक्त सत्र में तीन ओबीसी सीटें खाली थी, जिन्हें सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को नहीं दिया जा सकता था और इन्हें अगले सत्र के लिए कैरी फॉरवर्ड कर दिया गया. याचिकाकर्ता का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार शैक्षणिक संस्थानों में सीटें खाली नहीं रखी जा सकतीं और योग्य उम्मीदवारों को अवसर देना अनिवार्य हैं.
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