राहुल कुमार/न्यूज11भारत
चंदवा/डेस्क: चंदवा प्रखंड अंतर्गत कामता पंचायत में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है. पंचायत के कई गांवों में नल-जल योजना और चापाकल खराब पड़े होने से ग्रामीणों को भीषण गर्मी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि चटुआग आंगनबाड़ी केंद्र में भी पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है, जिससे छोटे बच्चों, सेविका और सहायिका को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
मुखिया नरेश भगत एवं पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से मुलाकात की और पानी संकट की जानकारी ली. उन्होंने बताया कि चटुआग आंगनबाड़ी केंद्र के सामने लगा चापाकल महीनों से खराब पड़ा हुआ है. इसके कारण सेविका और सहायिका को दूर-दराज से पानी लाकर बच्चों के लिए पोषाहार तैयार करना पड़ रहा है.
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत के चटुआग गांव में कुल 14 नल-जल योजनाओं में से 7 खराब पड़ी हुई हैं. भेलवाही में परमेश्वर गंझु के घर के पास लगा नल-जल दो महीने से खराब है. वहीं लोथराबर टोला में रामबृछ गंझु के घर के पास, डुमरखाड़ में गोबिंद गंझु के घर के पास, करमाही टोला में जयमोहन गंझु एवं जगेशर गंझु के घर के पास, ठुठाबर में गोपाल भगत के घर के पास तथा परहैया टोला चबूतरा के पास लगे नल-जल भी लंबे समय से खराब पड़े हुए हैं.
जल सहिया मंजू देवी, परमेश्वर गंझु, लेचा गंझु, ननकेश्वर कुमार, दिवाली गंझु एवं बुधराम गंझु समेत ग्रामीणों ने बताया कि कई महीनों से गांव में पानी की समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है. मुखिया नरेश भगत और पंचायत समिति सदस्य अयुब खान ने उपायुक्त संदीप कुमार से अविलंब खराब नल-जल योजनाओं और चापाकलों की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत मिल सके.