राहुल सिंह/न्यूज11 भारत
रामगढ़/डेस्क: रामगढ़ स्थित मेसर्स श्री राम पावर एवं स्टील फैक्ट्री में फर्नेस ब्लास्ट (Furnace Blast) की घटना के उपरांत जिला प्रशासन द्वारा गठित जाँच समिति ने अपना विस्तृत जाँच प्रतिवेदन सौंप दिया है. अनुमण्डल पदाधिकारी, रामगढ़ के द्वारा प्राप्त पत्र के आधार पर समर्पित जाँच प्रतिवेदन में फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा औद्योगिक एवं अग्नि-सुरक्षा मानकों की अनदेखी और आपराधिक लापरवाही उजागर हुई है.
जाँच प्रतिवेदन में सामने आईं प्रमुख कमियां:
जाँच में ब्लास्ट फर्नेस स्थल पर अग्नि-सुरक्षा एवं आपातकालीन उपकरणों की कमी पाई गई. 03 DCP तथा 02 CO₂ अग्निशमन यंत्र खराब मिले. विद्युत पैनल बोर्ड के पास कोई अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं था. फैक्ट्री में निर्धारित अग्नि-सुरक्षा मानकों एवं आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था का अभाव पाया गया.
समिति द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट के आलोक में उपायुक्त, रामगढ़ ने कारखाना निरीक्षक, रामगढ़ को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि सुरक्षा प्रावधानों का पालन न करना प्रबंधन की घोर लापरवाही को दर्शाता है. इसके तहत निम्नलिखित विधिसम्मत कार्रवाई की गई हैं:
समिति द्वारा सौंपे गए जांच प्रतिवेदन के आलोक में फैक्ट्री प्रबंधन के विरुद्ध मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष चार्ज शीट दाखिल कर दी गई है इसके उपरांत इस संबंध में नियम अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
उत्पादन एवं संचालन बंद: सक्षम प्राधिकार के माध्यम से प्रचलित औद्योगिक एवं सुरक्षा अधिनियम/नियमों के तहत फैक्ट्री का संचालन एवं उत्पादन बंद कर दिया गया है.
जिला प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि श्रमिकों एवं कामगारों की सुरक्षा में लापरवाही करने वाले किसी भी औद्योगिक प्रतिष्ठान के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोरतम दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे. गौरतलब होकि उपायुक्त द्वारा कारखाना निरीक्षक, श्रम अधीक्षक एवं अग्निशमन पदाधिकारी को अगले एक माह में जिले में संचालित सभी औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण कर वहां कारखाना संचालन से संबंधित सभी मानकों के अनुपालन की जांच करने एवं जिन कारखाने में मानकों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है उन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.