अम्बर कलश तिवारी/न्यूज11 भारत
धनबाद/डेस्क: सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा को टीकाकरण के लिए बाघमारा में एक बच्चे के घर जाना पड़ा. यह सब बाघमारा की एक महिला की शिकायत पर हुआ. बाघमारा प्रखंड के बहियारडीह पंचायत के जोगीडीह बस्ती वाली रश्मि रानी ने डीसी आदित्य रंजन से शिकायत की थी. डीसी ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सिविल सर्जन सहित चिकित्सकों के दल को महिला के घर भेज कर उनकी समस्या का समाधान कराया.
दरअसल, महिला ने डीसी को बताया था कि वह अपने नवजात को पोलियो का टीका दिलाने के लिए बहियारडीह पंचायत के स्वास्थ्य केन्द्र गई थी. लेकिन वहां की एएनएम ने टीका उपलब्ध नहीं है, बताकर उन्हें वापस भेज दिया. ऐसा उनके साथ दो सप्ताह तक किया गया.
डीसी सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा को इसकी जांच कर महिला की समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया. सिविल सर्जन बाघमारा पहुंचे. बाघमारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एमओआईसी सहित मेडिकल टीम के साथ महिला के घर गए.
उन्होंने महिला से सारी जानकारी ली तथा तत्काल टीकाकरण कराने की व्यवस्था की. उन्होंने बाघमारा के एमओआईसी, सहिया, एएनएम को टीकाकरण किए जाने वाले बच्चों की सूची बनाकर और गणना कर वैक्सीन प्राप्त कर टीकाकरण करने का निर्देश दिया.
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