प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत
बरवाडीह/डेस्क: बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र में जिला परिषद पश्चिमी मद से बन रहे पीसीसी सड़क निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं. मामला भगत सिंह चौक के समीप मईया बाबू हॉस्पिटल के बगल में निर्माणाधीन सड़क का है, जहां संवेदक द्वारा मानकों को ताक पर रखकर घटिया निर्माण कार्य किए जाने की शिकायत स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई है. बताया जा रहा है कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों के विपरीत जीएसबी सिर्फ गिरा कर बिछा दिया है, जबकि पीसीसी ढलाई भी महज 3 इंच मोटाई में कर खानापूर्ति की जा रही है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है, जिससे सड़क की मजबूती और टिकाऊपन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. इस मामले को लेकर भाजपा सांसद प्रतिनिधि दीपक राज ने भी निर्माण कार्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़क और जेएसबी की भराई केवल दिखावे के लिए नाममात्र की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी राशि का दुरुपयोग कर संवेदक और संबंधित लोग भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं. उनका कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो यह सड़क कुछ ही महीनों में टूटकर बदहाल हो जाएगी. इतना ही नहीं, निर्माण कार्य में उपयोग किए जा रहे सीमेंट की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं.
आरोप है कि सड़क ढलाई में निम्न गुणवत्ता वाले रोंगटा सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो तय मानकों के अनुरूप नहीं है. स्थानीय लोगों का कहना है कि घटिया सामग्री के उपयोग से सड़क निर्माण की गुणवत्ता पूरी तरह प्रभावित हो रही है. मामले को लेकर जब कनीय अभियंता अभय मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि शिकायत मिली है और पूरे मामले की जांच की जाएगी. उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि निर्माण कार्य में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित संवेदक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
अब सवाल यह उठता है कि आखिर सरकारी योजनाओं में गुणवत्ता की निगरानी कौन करेगा. यदि निर्माण कार्य में इसी तरह लापरवाही और भ्रष्टाचार जारी रहा तो आम जनता को विकास योजनाओं का लाभ कैसे मिल पाएगा. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
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