प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत
बरवाडीह/डेस्क: बरवाडीह-छिपादोहर मुख्य पथ स्थित आदर्शनगर मुक्ति धाम के समीप विजय प्रसाद के मकान में संचालित “एक आयुष क्लीनिक” को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता दिखाते हुए जांच की. चिकित्सा प्रभारी बरवाडीह के निर्देश पर डॉ. अमित कुमार, अकाउंटेंट बिनीता कुमारी एवं एमटीएस की टीम ने प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया. जांच के दौरान प्रतिष्ठान के संचालन और वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आए.
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, प्रतिष्ठान में बिना आवश्यक लाइसेंस/पंजीकरण के मरीजों का इलाज किए जाने की जानकारी मिली. जांच के दौरान IV ड्रिप चढ़ाने, दो बेड रखने तथा ब्लड जांच मशीन जैसी सुविधाएं भी मौजूद मिलीं. सबसे अहम बात यह रही कि जांच के समय मौके पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और दुकान दो स्टाफ के भरोसे संचालित हो रही थी.
MBBS होने का दावा भी जांच के घेरे में
प्रतिष्ठान से जुड़े सुदेश कुमार द्वारा स्वयं को MBBS चिकित्सक बताए जाने तथा मरीजों की पर्ची/प्रिस्क्रिप्शन लिखे जाने की जानकारी भी सामने आयी है. अब उनकी MBBS डिग्री और वैध मेडिकल रजिस्ट्रेशन का सत्यापन किया जाना आवश्यक है. यदि संबंधित दावे की पुष्टि नहीं होती है तो मामला और गंभीर हो सकता है.
स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल बंद कराया
मरीजों के स्वास्थ्य को संभावित जोखिम को देखते हुए जांच टीम ने मौके पर ही प्रतिष्ठान में संचालित गतिविधियों को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया. स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गयी इस त्वरित कार्रवाई को मरीजों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.हालांकि, जांच टीम के लौटने के करीब तीन घंटे बाद ही दुकान दोबारा खोल दिए जाने की सूचना सामने आयी है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि स्वास्थ्य विभाग के बंद करने के निर्देश के बावजूद प्रतिष्ठान को दोबारा किसके आदेश पर खोला गया.
लाइसेंस, पंजीकरण और जांच की अनुमति पर उठे सवाल
अब स्वास्थ्य विभाग के समक्ष प्रतिष्ठान के लाइसेंस एवं पंजीकरण, चिकित्सा गतिविधियां संचालित करने की अनुमति, ब्लड जांच की वैधानिक अनुमति तथा सुदेश कुमार की चिकित्सकीय योग्यता एवं मेडिकल रजिस्ट्रेशन की जांच अहम होगी.मामला मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अब आगे की जांच और वैधानिक कार्रवाई पर नजर है. बिना लाइसेंस चिकित्सा गतिविधियां संचालित किए जाने की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा सकती है.