प्रियेश/न्यूज11 भारत
धनबाद/डेस्क: गैंग्स ऑफ वासेपुर में अब नया आयाम दिखने लगा है. इस गैंग के धंधे में अब घरों की कुछ महिलाओं के भी शामिल होने का पता चला है. पुलिसिया जांच में इस बात का खुलासा हुआ है. पुलिस का मानना है कि कुख्यात प्रिंस खान की पत्नी शगुफ्ता भले ही कोर्ट में अर्जी देकर दावा कर रही हो कि उसका पति से कोई संबंध नहीं, पर सच्चाई कुछ और है. पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि शगुफ्ता दुबई में बैठकर प्रिंस के रंगदारी का धंधा संभाल रही है.
पिछले दिनों रांची जेल गई शगुफ्ता की मौसी रोजी परवीन ने प्रिंस की पत्नी के बारे में कई खुलासे किए. पुलिस की मानें तो प्रिंस के रंगदारी के धंधे में घर और ससुराल की महिलाओं की संलिप्तता है.
रांची के कारोबारी कृष्ण गोपालका से रंगदारी मांगने के बाद झारखंड पुलिस ने प्रिंस के खिलाफ तफ्तीश तेज की है. एटीएस भी इस गैंग की टोह ले रही है. पुलिस ने कुछ दिन पहले प्रिंस की सास की बहन कोलकाता निवासी रोजी, रोजी के दामाद नियाज अली उर्फ आदिल और आदिल के दोस्त कोलकाता के गुलशन कॉलोनी वेस्ट चौबाग निवासी मुर्शीद को जेल भेजा था. सूत्र बताते हैं कि जेल जाने से पहले रोजी ने पुलिस को बताया कि 14-15 साल पहले उसकी बहन वासेपुर निवासी फरजाना की मौत हो गई थी. उसके बाद उसकी इकलौती पुत्री शगुफ्ता की देखभाल वही करती थी. शगुफ्ता ने प्रिंस से लव मैरिज की थी. रोजी का पति सोहराब पहले कोलकाता में फल बेचता था. धंधा चौपट होने के बाद रोजी ने प्रिंस से संपर्क कर पति को काम दिलाने की बात कही थी. कुछ अरसा पहले प्रिंस ने सोहराब का पासपोर्ट और वीजा बनवा कर उसे दुबई बुलवा लिया था. दुबई में सोहराब प लांड्री में काम करता है.
शगुफ्ता ने रोजी को दिए थे 401 ग्राम सोने के गहने
जानकारी के मुताबिक प्रिंस गिरोह के लड़कों की लगातार गिरफ्तारी हो रही थी, इसी बीच प्रिंस ने पत्नी और बच्चों को दुबई बुला लिया. शगुफ्ता ने दुबई जाने से पहले रोजी को 401 ग्राम सोना दिया था. ये प्रिंस की रंगदारी के पैसों से खरीदे गए गहने थे. इन गहनों को गिरवी रख कर रोजी ने कोलकाता मुथूट फाइनांस से 20 लाख कर्ज लिए थे. इसमें से 18 लाख उसने हवाला के जरिए प्रिंस को दुबई भिजवा दिए, ताकि शगुफ्ता आराम से दुबई में सेट हो जाए.
रोजी ने अपने दामाद को भी भेजा था दुबई
रोजी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसकी पुत्री जोया ने कोलकाता में नियाज अली उर्फ आदिल से लव मैरिज की. रोजी के कहने पर प्रिंस ने आदिल को भी दुबई बुला लिया. प्रिंस के करीबी सैफ अब्बास उर्फ सैफी ने आदिल का पासपोर्ट और वीजा बनवाया. दुबई आने-जाने के लिए रोजी के माध्यम से प्रिंस ने आदिल को 90 हजार रुपए भी भेजे थे. दिसंबर 2024 में आदिल दुबई गया. वहां प्रिंस ने उसे अपनी लांड्री के काम में लगा दिया.
आदिल ने दो मोबाइल नंबर प्रिंस को दिए
जेल गए आदिल ने पुलिस को बताया कि 13 मार्च 2025 को वह कोलकाता लौट आया. प्रिंस ने उसे दो सिम का जुगाड़ करने को कहा था. उसने अपने दोस्त मुर्शीद की मदद से दो सिम लिए. कोलकाता से ही एक की-पैड मोबाइल भी खरीदा. की-पैड के जरिए ओटीपी जेनरेट करा कर दोनों मोबाइल नंबरों से प्रिंस खान ने दुबई में बैठे-बैठे दो व्हाट्स एप एकाउंट बना लिया. प्रिंस के कहने पर आदिल ने मोबाइल और सिम तोड़ कर फेंक दिया.
मां-बाप की तलाश में मिल्लत नगर में पुलिस ने दी दबिश
रांची में रंगदारी मांगने के बाद पुलिस ने प्रिंस खान के मां-बाप की भी तलाश शुरू की है. पुलिस को खबर मिली थी कि हाल के कुछ दिनों से प्रिंस की मां नासरीन खातुन और उसके पिता नासिर खान धनबाद के पांडरपाला के मिल्लत नगर में किराए के एक मकान में रह रहे थे. रांची कांड के बाद पुलिस की एक टीम मिल्लत नगर पहुंची थी, हालांकि वहां नासिर या नासरीन नहीं मिले. प्रिंस के कई गुर्गे पुलिस की रडार पर हैं.
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