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रांची/डेस्कः- हर वर्ष 14 नवंबर को प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिवस के उपलक्ष पर पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ बाल दिवस मनाया जाता है. बता दें कि पहले बाल दिवस 20 नवंबर को मनाया जाता था लेकिन प्रथम प्रधानमंत्री के निधन के बाद 14 नवंबर को मनाया जाने लगा. बताया जाता है कि नेहरू को बच्चों के बीच रहना उनसे बातें करना काफी पसंद था. नेहरू बच्चों को गुलाब का फूल कहा करते थे. और बच्चे उन्हे चाचा नेहरू कह कर पुकारते थे. पंडित नेहरू हमेशा से बच्चों को सफल होने के लिए प्रेरित किया करते थे.
1.पंडित नेहरू कहते थे कि सफलता उन लोगों के पास आती है जो कार्य करने की हिम्मत रखते हैं, रिजल्ट से घबराने वालों को हमेशा से हार मिलती है. सफलता व मंजिल पाने के लिए हमेशा मेहनत करें.
2.पंडित नेहरू का कहना था कि लोग इस बात को सोचकर परेशान रहते हैं कि लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं. इससे ज्यादा जरुरी है कि हम वास्तव में कैसे इंसान है.
3.पंडित नेहरू का कहना था कि बच्चे हो या बूढ़े सभी को अपना काम खुद से करना चाहिए. इससे आत्मनिर्भरता आती है. बताया जाता है कि नेहरू जी अपने जूते खुद पॉलिश किया करते थे. किसी पर निर्भर नहीं रहते थे.
4.किसी भी मंजिल को पाने के लिए मेहनत धेर्य व निर्ंतरता होना जरुरी है. भले ही आपको फौरन मंजिल मिले या न मिले, लेकिन एक दिन जरुर मिलता है.
5.अगर आप परेशानी व मेहनत से दूर भागते हैं तो सफलता कभी भी नहीं मिलेगी. नेहरू हमेशा से बच्चों को पढ़ाई व खेलकूद करने के लिए कहा करते थे. पढ़ाई से बुद्धि व खेलने से शरीर तोज होता है.
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