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रांची/डेस्क: हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान आया था कि वह भारतीय चुनाव प्रक्रिया से काफी प्रभावित हैं. डोनाल्ड ट्रंप का अब जो बयान आया है वह पूरी तरह से भारतीय राजनीति में आजकल जो चल रहा है, उससे प्रभावित लगता है. भारत में इन दिनों चुनाव जीतना का सबसे बड़ा मूलमंत्र 'रेवड़ियां' बन गया है. चाहे झारखंड हो, मध्य प्रदेश हो, महाराष्ट्र हो, पंजाब हो, तमिलनाडु हो, या कर्नाटक, पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक लगभग हर राज्य इस 'रेवड़ी कल्चर' की चपेट में हैं. भारत की राजनीति का यह 'रोग' लगता है अमेरिका को भी लग गया है, तभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युवाओं के लिए एक बड़ा ऐलान कर दिया है.
नवंबर में अमेरिका मध्यावधि चुनाव होने वाले हैं. इस चुनाव के लिए ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यह दावा किया है, या यूं कहें उन्होंने बड़ा चुनावी दांव चला है. उन्होंने कहा कि चुनावों के बाद अगर रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों पर अपना वर्चस्व कायम कर पाती है तो वह हर वयस्क अमेरिकी नागरिक को 5,000 डॉलर देंगे. ट्रंप ने इसे ‘ट्रंप डिविडेंड’ नाम दिया है। ट्रंप ने डलास में रिपब्लिकन पार्टी के मध्यावधि सम्मेलन को संबोधित कर रहे हैं, इसी सम्मेलन में उन्होंने यह बड़ा ऐलान किया है. लेकिन साथ ही उन्होंने युवाओं के लिए एक शर्त भी रखी है. उन्होंने कहा कि युवाओं को जो राशि मिलेगी, उसको देश के बाहर नहीं, देश के अन्दर ही खर्च करना होगा. अमेरिकी राष्ट्रपति का यह दांव बिलकुल भारतीय राजनीतिक दांव की तरह है. जिसमें कोई भी भारतीय राजनीति पार्टी न तो चुनाव से पहले और चुनाव जीतने के बाद यह बताती है कि 'रेवड़ियां' का पैसा कहां से आ रहा है और कैसे जा रहा है. ऐसा ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने किया है. उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि योजना को किस तरह लागू करेंगे और इसके लिए पैसा कहां से आएगा. बस उन्होंने इतना कहा कि वह इस भुगतान की तुलना किसी सफल कंपनी द्वारा अपने शेयरधारकों को दिए जाने वाले लाभांश की तरह देख रहे हैं.
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