भूकंप

Earthquake: दिल्ली में सुबह-सुबह कांपी धरती, महसूस हुए भूकंप के झटके 

दिल्ली में आज रविवार सुबह करीब 4:14 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए.

By : Dipali Kumari
Earthquake: दिल्ली में सुबह-सुबह कांपी धरती, महसूस हुए भूकंप के झटके 

न्यूज़11 भारत 
दिल्ली/डेस्क: 
देश की राजधानी दिल्ली में आज रविवार सुबह करीब 4:14 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए. अहले सुबह लोग अपने घरों में सो रहे थे, इसलिए ज्यादातर लोगों को भूकंप के बारे में पता भी नहीं चला. हालांकि भूकंप की तीव्रता भी कम थी.  रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 2.9 मापी गई.

हालांकि राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने एक्स पर शेयर किए एक पोस्ट में बताया कि दिल्ली में 2 अगस्त 2026 को तड़के 4:14 बजे भूकंप आया. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 2.9 महसूस की गई.  इस भूकंप का केंद्र दिल्ली के उत्तरी जिले में था और इसकी गहराई 8 किलोमीटर थी. इस भूकंप का अक्षांश 28.721 उत्तर और देशांतर 76.957 पूर्व में स्थित था. जमीन के भीतर इसकी गहराई सिर्फ 8 किलोमीटर दर्ज की गई.

इसे भी पढ़ें: रांची: जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में देर रात हाई वोल्टेज ड्रामा! टावर पर चढ़ा युवक, आज सुबह उतरा नीचे

संबंधित सामग्री

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

झारखंड हाईकोर्ट ने रामगढ़ के गांदके गांव में नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है.

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अभिलाष साहू को निलंबन मुक्त किए जाने के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट हैं.

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

झारखंड हाई कोर्ट ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में अनुकंपा के आधार पर नौकरी को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला सुनाया है.

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियरिंग सेल में लंबे समय तक संविदा पर काम करने वाले नौ कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है.

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

झारखंड हाईकोर्ट ने गैर-औपचारिक शिक्षा योजना में काम कर चुके 35 सुपरवाइजरों को झारखंड सरकार की नियमित सेवा में शामिल करने की मांग खारिज कर दी है.