पश्चिम एशिया संकट

एक बार फिर खतरा टला? अमेरिका और ईरान फिर से आएंगे वार्ता की टेबल पर, इस बार कतर में होगी 'महाबैठक'

होर्मुज को लेकर दुनिया की दुविधा होगी दूर!

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
एक बार फिर खतरा टला? अमेरिका और ईरान फिर से आएंगे वार्ता की टेबल पर,  इस बार कतर में  होगी 'महाबैठक'

न्यूज11  भारत

रांची/डेस्क: स्विटजरलैंड के शांति समझौते के बाद अमेरिका और ईरान में फिर से बढ़ी तनातनी पर विराम लगने वाला है. दोनों देश एक बार फिर से शांति वार्ता के लिए तैयार हो गये हैं. इसके साथ होर्मूज स्ट्रेट को लेकर पूरी दुनिया की परेशानी के कम होने की उम्मीद भी बंध गई है. पश्चिम एशियाई देश ईरान पर एक बार फिर शुरू किए गये अमेरिकी हमले के बाद जो संकट और आशंकाएं बन गए थे और युद्ध के बादल छाने लगे थे, उसके छंटने की राहत भरी खबर आई है. बार-बार आस्तीनें मोड़ने वाले अमेरिका और ईरान आपसी सैन्य हमलों को रोकने पर सहमत हो गए हैं. दोनों देशों के बीच फिर से वार्ता होने जा रही है, इस बार यह वार्ता कतर में होनी है. अब इस वार्ता पर पूरी दुनिया की निगाहें टिक गई हैं. 

स्विटजरलैंड में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता हुई थी. इस शांति वार्ता के बाद सीजफायर लागू हुआ था, लेकिन पिछले दो-तीन दिनों से अमेरिका ईरान पर लगातार हमले किए जा रहा था. ईरान ने भी जवाबी हमला किया था. दोनों ही ओर से एक-दूसरे के ठिकानों पर कई हमले किए गए, जिससे इस समझौते के टूटने का खतरा पैदा हो गया था और दुनिया होर्मुज स्ट्रेट के एक बार फिर बंद होने की आशंका से परेशान हो उठी थी. उधर ‘एक्सियोस’ की एक रिपोर्ट में वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों द्वारा दावा किया गया है कि दोनों पक्ष फिलहाल सैन्य हमले रोकने पर फिलहाल राजी हो गए हैं.

अब दोनों देशों के अधिकारी तनाव कम करने के लिए कतर की राजधानी दोहा में मिलेगे. यह बैठक मंगलवार को होने वाली है. दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडल एक मेज पर बैठेंगे ताकि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज‘ को लेकर उत्पन्न संकट का समाधान निकाला जा सके. बता दें कि अमेरिका ने हाल में जो ताजा हमले किए थे, वह होर्मुज जलमार्ग को लेकर उत्पन्न विषम स्थिति के कारण किए थे. फिलहाल राहत की बात यह है कि बातचीत की प्रक्रिया जारी रहने के दौरान होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बिना किसी रोक-टोक जारी रहेगी.

यह भी पढ़ें: मौसम विभाग की भविष्यवाणियों ने अब तक किया निराश, जानें जुलाई में मानसून को लेकर क्या कहती है ज्योतिषीय भविष्यवाणी!

संबंधित सामग्री

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

झारखंड हाईकोर्ट ने रामगढ़ के गांदके गांव में नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है.

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अभिलाष साहू को निलंबन मुक्त किए जाने के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट हैं.

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

झारखंड हाई कोर्ट ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में अनुकंपा के आधार पर नौकरी को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला सुनाया है.

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियरिंग सेल में लंबे समय तक संविदा पर काम करने वाले नौ कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है.

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

झारखंड हाईकोर्ट ने गैर-औपचारिक शिक्षा योजना में काम कर चुके 35 सुपरवाइजरों को झारखंड सरकार की नियमित सेवा में शामिल करने की मांग खारिज कर दी है.