इसरो की बड़ी उड़ान

अब चीन और पाकिस्तान से सटी सीमाओं की चौकसी और भी मजबूत, ISRO का EOS-05 सैटेलाइट सीमाओं पर रखेगा कड़ी नजर

ISRO) ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से GSLV-F17 रॉकेट ने EOS-05 सैटेलाइट को किया सफलतापूर्वक लॉन्च

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
अब चीन और पाकिस्तान से सटी सीमाओं की चौकसी और भी मजबूत, ISRO का EOS-05 सैटेलाइट सीमाओं पर रखेगा कड़ी नजर

न्यूज11  भारत

रांची/डेस्क: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने शुक्रवार को एक बार फिर सफलता की उड़ान भरी है. इसरो के GSLV-F17 रॉकेट ने EOS-05 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है. इसरो ने आज तड़के आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से EOS-05 सैटेलाइट को लॉन्च किया. EOS-05 सैटेलाइट के सफलतापूर्वक लॉन्च के बाद इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जानकारी दी कि कि GSLV-F17 रॉकेट ने ‘एडवांस्ड अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट 05 को सफलतापूर्वक उसकी तय ऑर्बिट में स्थापित कर दिया है.

बता दें कि लगभग 2,367 किलोग्राम वाला EOS-05 एक एडवांस्ड अर्थ ऑब्ज़र्वेशन स्पेसक्राफ्ट है, जो जियो-ऑर्बिट में भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट है. पहली बार पृथ्वी पर नजर रखने वाले सैटेलाइट को जियो-सिंक्रोनस ऑर्बिट में स्थापित किया गया है. इस सैटेलाइट के जरिए पृथ्वी पर नजर रखना और भी आसान हो जाएगा. इस सैटेलाइट के जरिए भारत से सटी, खासकर चीन और पाकिस्तान की सीमाओं की चौकसी का जा सकेगी. EOS-05 अंतरिक्ष से धरती की हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें लेने में सक्षम है. जो करीब 36 हजार किलोमीटर की ऊंचाई से भी स्पष्ट तस्वीरें लेकर धरती पर भेज सकेगा. यह हर 5 मिनट में तस्वीरें कैप्चर कर धरती पर भेजेगा. खास बात यह है कि भारत के हर क्षेत्र को कवर करने और उसकी तस्वीरें लेने में सैटेलाइट को करीब 30 मिनट का समय लगेगा.

EOS-5 सैटेलाइट की भूमिका इतनी ही नहीं होगा, इस सैटेलाइट के जरिए भारत के भू-भाग, सीमावर्ती क्षेत्रों और समुद्री इलाकों पर भी नजर रखी जा सकेगी जिससे मौसम की भी निगरानी हो सकेगी और आपदा प्रबंधन, कृषि योजना और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर काम हो सकेगा. आजकल चक्रवात, बाढ़, बादल फटने और जंगलों में आग जैसी घटनाओं में काफी वृद्धि हुई है. इस सैटेलाइट के जरिए इस पर भी नजर रखी जा सकेगी जिससे आपदा प्रबंधन में मदद मिलेगी.

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