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रांची/डेस्क: संसद के विशेष सत्र और परिसीमन बिल के सदन पर रखे जाने की एक बार फिर से सुगबुगाहट शुरू हो गई है. केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के द्वारा दिए गए संकेत से यह माना जा रहा है कि केन्द्र सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने जा रही है और इस विशेष सत्र में परिसीमन बिल को सदन पटल पर लाया जा सकता है. दरअसल, केन्द्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं से जो महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू करने का वादा कर किया है और सरकार इसी दिशा में काम कर रही है. रिजिजू के इसी संकेत से समझा जा रहा है कि महिला आरक्षण बिल ही नहीं, परिसीमन बिल को लेकर केन्द्र सरकार गंभीर है. चूंकि महिला आरक्षण बिल परिसीमन बिल के साथ जुड़ा है, इसलिए केन्द्र सरकार पहले इस बिल को संसद से पारित कराना चाहेगी ताकि महिला आरक्षण बिल रास्ता साफ हो सके.
बता दें कि किरेन रिजिजू के संसद को दोबारा बुलाए जाने के संकेत के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने मांग की है कि परिसीमन को लेकर प्रस्ताव पर चर्चा के लिए विशेष सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए.
बता दें कि केन्द्र सरकार 2029 से महिला आरक्षण कानून लागू करने और परिसीमन के आधार पर लोकसभा की सीटों में 50 प्रतिशत तक वृद्धि करने के लिए के लिए कृतसंकल्प है. किरेन रिजिजू से मिले संकेत और विशेष सत्र में परिसीमन बिल लाने की अटकलों के बीच विपक्ष की बेचैनी बढ़ गई है. क्योंकि विपक्ष शुरू से ही परिसीमन कराने का विरोध कर रहा है.
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