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रांची/डेस्क: लोकसभा 2029 चुनाव में अभी काफी दिन हैं. अभी उत्तर प्रदेश और पंजाव विधानसभा चुनाव सामने आ रहे हैं, लेकिन देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए अभी से कमर कस ली है. देखा जाए तो विपक्ष की दूसरी पार्टियां अपनी अंदरूनी उलझनों में फंसी हुई है. वह ज्यादा से ज्यादा आगामी विधानसभा चुनावों में खुद को फोकस कर रही है, लेकिन बीजेपी ने विपक्ष को सभी तरह से घेरने का प्लान अभी से बनाना शुरू कर दिया है. इसके लिए उसने कई मोर्चों का गठन कर उसकी जिम्मेदारी अपने दिग्गज नेताओं को थमा भी दी है.
भाजपा ने किया कई मोर्चों का गठन प्रभारियों को दी जिम्मेदारी
- युवा मोर्चा: हरीश द्विवेदी
- महिला मोर्चा: डी. पुरंदेश्वरी
- एससी मोर्चा: संजय भाटिया
- ओबीसी मोर्चा: बैजयंत पांडा
- किसान मोर्चा: लाल सिंह आर्य
- एसटी मोर्चा: सतीश पूनिया
- अल्पसंख्यक मोर्चा: गजेंद्र पटेल
बीजेपी ने तैयार की है दिग्गजों की फौज
भाजपा की इस टीम को देकरक लगता है कि वह इस बार के चुनाव में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है. 2024 के लोकसभा चुनाव में अपनी कुछ गलतियों को स्वीकार करते हुए वह इस बार कोई गलती नहीं करना चाहती. बीजेपी की इस लिस्ट से ही स्पष्ट है कि वह हर मोर्चे पर, हर वर्ग में अपनी पैठ बनाना चाहती है, जो उसे अच्छे परिणाम के रूप में उसे फायदा पहुंचा सकें.
बता दें कि हरीश द्विवेदी को युवा मोर्चा का प्रभारी बनाया गया है, वह बस्ती से सांसद हैं. राजस्थान के वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया को एसटी मोर्चा का प्रभार सम्भालेंगे. आंध्र प्रदेश बीजेपी की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दग्गुबाती पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चा की प्रभारी बनी हैं. बीजेपी के लिए कुछ वर्षों से सिरदर्द बने किसानों को साधने के लिए किसान मोर्चा के प्रभार लाल सिंह आर्य को सौंपा गया है. लाल सिंह आर्य मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. वह BJP का बहुत वरिष्ठ, अनुभवी और प्रमुख दलित नेता हैं. उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है कि वह हरियाणा विधानसभा चुनावों प्रभारी के तौर पर BJP को लगातार तीन बार जीत दिला चुके हैं. सतीश पूनिया किसी परिचय के मुहताज नहीं हैं. फिलहाल वह राज्यसभा सांसद हैं और अब उन्हें ST मोर्चे पर तैनात किया गया है. ओडिशा की केंद्रपाड़ा लोकसभा सीट सांसद बैजयंत पांडा की जिम्मेदारी काफी बड़ी है. उन्हें ओबीसी वोटरों को साधने के लिए ओबीसी मोर्चे का प्रभारी बनाया गया है. बता दें कि पिछले ओडिशा विधानसभा चुनावों में BJP की जीत में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी. वहीं संजय भाटिया को एसटी मोर्चा सम्भालने का जिम्मा मिला है. संजय भाटिया हरियाणा के प्रमुख BJP नेता हैं, फिलहाल वह अभी राज्यसभा सदस्य हैं और संगठन में राष्ट्रीय महासचिव की अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.
माइनॉरिटी मोर्चा, इसके बिना बीजेपी की रणनीति पूरी हो ही नहीं सकती. माइनॉरिटी मोर्चा का प्रभारी गजेंद्र पटेल को बनाया गया है जो कि एक प्रमुख आदिवासी नेता हैं. मध्य प्रदेश की खरगोन-बड़वानी लोकसभा सीट से सांसद पटेल, राष्ट्रीय संगठनात्मक ढांचे में राष्ट्रीय महासचिव की अहम जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.