बयान

मोदी सरकार संसद में हर तरह की चर्चा के लिए तैयार है, मगर विपक्ष का उद्देश्य चर्चा करना नहीं, हंगामा करना है - अमित शाह

मैं विपक्ष के एक-एक सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हूं – अमित शाह

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
मोदी सरकार संसद में हर तरह की चर्चा के लिए तैयार है, मगर विपक्ष का उद्देश्य चर्चा करना नहीं, हंगामा करना है - अमित शाह

न्यूज11  भारत

रांची/डेस्क: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज स्पष्ट कर दिया कि मोदी सरकार संसद में हर प्रकार की चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि मैं संसद में किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हूँ, मगर विपक्ष चर्चा ही नहीं होने देना चाहता. श्री अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और NDA की मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है, विपक्ष बस संसद चलने दे.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के सामने स्पष्ट प्रस्ताव रखते हुए कहा कि विपक्ष आज दोपहर 2 बजे तक लोकसभा अध्यक्ष महोदय को चर्चा का पत्र लिखकर दे दे, आज 3 बजे से चर्चा शुरू कर दी जाएगी और कल दोपहर 3 बजे तक चर्चा चलेगी. शाह ने कहा कि यदि अध्यक्ष महोदय अनुमति दें तो सरकार प्रश्नकाल स्थगित करने के लिए भी तैयार है, ताकि आज 3 बजे से देर रात तक और कल 3 बजे तक विस्तृत चर्चा हो सके.

अमित शाह जी ने कहा कि मैं स्वयं सदन में बैठूँगा, सबको सुनूँगा, हर बात लिखूँगा और कल 3 बजे विपक्ष के एक-एक सवाल का जवाब दूँगा. उन्होंने कहा कि सरकार के पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है. चर्चा होने से देश की जनता के सामने सारी बातें स्पष्ट हो जाएँगी - दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.

केंद्रीय गृह मंत्री जी ने विपक्ष की माँग पर कहा कि कोई मुझसे कहता है कि आप एक statement दे दो, मगर इतने गंभीर मसले पर इस तरह चर्चा नहीं हो सकती. संसद में चर्चा करने के नियम और तरीके बने हैं, संसदीय पद्धति में विस्तार से (at length) चर्चा होती है और संसदीय परंपरा के अनुसार ही statement दी जाएगी.

अमित शाह ने कहा कि जब से संसद सत्र शुरू हुआ है, वे लगातार संसद आ रहे हैं, मगर विपक्ष दोनों सदनों में संसद को चलने ही नहीं दे रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू जी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार हर प्रकार की चर्चा के लिए तैयार है, चर्चा के लिए समय सुनिश्चित किया जाए और विपक्ष तैयार हो जाए. विपक्ष पहले यही माँग कर रहा था, सरकार ने हाँ बोल दिया है.

अंत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अब विपक्ष को तय करना है कि उसे चर्चा करनी है या हंगामा, और जनता तय करेगी कि कौन चर्चा करना चाह रहा है और कौन भाग रहा है.

यह भी पढ़ें: शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर चंदवा में रक्तदान शिविर, 15 यूनिट रक्त संग्रह

संबंधित सामग्री

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

झारखंड हाईकोर्ट ने रामगढ़ के गांदके गांव में नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है.

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अभिलाष साहू को निलंबन मुक्त किए जाने के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट हैं.

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

झारखंड हाई कोर्ट ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में अनुकंपा के आधार पर नौकरी को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला सुनाया है.

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियरिंग सेल में लंबे समय तक संविदा पर काम करने वाले नौ कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है.

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

झारखंड हाईकोर्ट ने गैर-औपचारिक शिक्षा योजना में काम कर चुके 35 सुपरवाइजरों को झारखंड सरकार की नियमित सेवा में शामिल करने की मांग खारिज कर दी है.