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रांची/डेस्क: झारखंड में इन दिनों पुलिस और अपराधियों के बीच एनकाउंटर को लेकर खूब चर्चा हो रही है. ज्यादातर उग्रवादी और नक्सली का पुलिस के साथ एनकाउंटर में मारे जाने की खबरें आती रहती है. लेकिन झारखंड में बीते कुछ दिनों से ऐसा लग रहा है कि पुलिस ने एनकाउंटर करने की दवा खा ली है. हाल के कुछ दिनों में पुलिस के साथ एनकाउंटर में कई कुख्यात अपराधी मारे गए है. इसमें वैसे अपराधियों का एनकाउंटर हुए है, जिन्होंने झारखंड के कारोबारियों में दहशत का माहौल बना रखा था.
बता दें कि झारखंड के अलग-अलग जिलों में पिछले 75 दिनों के दौरान पुलिस और अपराधियों के बीच एनकाउंटर की पांच घटनाएं हुई है. इसमें कुख्यात अपराधी अमन साहू और आलोक उर्फ राहुल तुरी से लेकर मुख्तार अंसारी के गिरोह का यूपी का अनुज कनौजिया शामिल है. वहीं हत्या के आरोप में दो आरोपी भी घायल हुए है.
ढाई महीनों में अमन, आलोक से लेकर अनुज का हुआ एनकाउंटर
हजारीबाग और रामगढ़ पुलिस ने कुजू थाना क्षेत्र के मुरपा में 11 जनवरी को हत्या के बाद जिम्मेदारी लेने वाले आलोक उर्फ राहुल तुरी को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था. इसके साथ मौजूद एक बदमाश को भी गिरफ्तार किया गया था. बता दें कि 8 जनवरी को उरीमारी के पोटंगा गांव में सीसीएल कर्मी संतोष सिंह की हत्या की आलोक तुरी ने जिम्मेदारी ली थी. पुलिस को इस बात की गुप्त सूचना म्मिली थी कि कुछ अपराधी मांडू, कुज्जू हजारीबाग बॉर्डर चरही में किसिस बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए जुटने वाले है. इसके बाद हजारीबाग और रामगढ़ जिले की संयुक्त पुलिस टीम ने क्षेत्र में लगातार छापेमारी करनी शुरू कर दी.
छापेमारी के दौरान कुजू थाना क्षेत्र के मुरपा में जंगलों और बड़े-बड़े घास के बीच तीन से चार अपराधी छुप गए. इसके बाद सभी अपराधियों ने पुलिस पर लगातार फायरिंग करना शुरू कर दिया. इसके जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की. इस दौरान पुलिस की फायरिंग में एक बदमाश मारा गया. वहीं एक बदमाश को गिरफ्तार कर लिया गया. लेकिन तीसरा अपराधी मौके से भागने में सफल हो गया.
एनकाउंटर से खत्म हुआ अमन का आतंक
कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू झारखंड के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी अपने आतंक की छाप लगातार छोड़ रहा था. लेकिन 11 मार्च को उसके आतंक का अंत हो गया. एटीएस ने उसे 11 मार्च को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था. एसटीएस जवान से अमन साहू ने इंसास राइफल छीनकर भागने की कोशिश की थी. इस दौरान उसने जवान पर फायरिंग भी की थी. इसके बाद ATS ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे एनकाउंटर में ढेर कर दिया. बता दें कि गैंगस्टर अमन साहू छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के जेल में था. उसे वहां से रांची लाया जा रहा था. इस बीच पलामू के चैनपुर के पास उसने ATS के जवान से इंसास राइफल छीनकर भागने की कोशिश की और फायरिंग भी की. इसके जवाबी कार्रवाई ने पुलिस ने उसे एनकाउंटर में ढेर कर दिया.
दो के हत्या का मुख्य आरोपी मो. प्रिंस ने पुलिस से पिस्टल छीनने का किया प्रयास
रांची के चान्हो थाना क्षेत्र के आनंद मार्ग में अपराधियों ने 6 मार्च की रात लूटपाट करने के मकसद से आए थे. इस दौरान अपराधियों ने राजेंद्र यादव और साधु मुकेश साह की गोली मारकर हत्या कर दी थी. रांची पुलिस ने इस घटना के मुख्य अभियुक्त मो. प्रिंस को 12 मार्च की रात बीआईटी थाना क्षेत्र से पकड़ा. इसके बाद पुलिस उसकी निशानदेही पर ही हथियार की खोजबीन कर रही थी. इस दौरान अभिरक्षा से भागने के उद्देश्य से प्रिंस ने हथकड़ी पकड़े सिपाही को धक्का देकर चान्हो थाना प्रभारी का पिस्टल छीनने का प्रयास किया. इस दौरान पिस्टल से गोली चलने से अपराधी प्रिंस के पैर में गोली लगी. इसके बाद उसे घायल अवस्था में पुलिस के टीम द्वारा अस्पताल में भर्ती कराया गया.
अनिल टाइगर की हत्या कर भाग रहे आरोपी को एनकाउंटर में लगी गोली
राजधानी रांची के कांके में 26 मार्च को पूर्व जिला परिषद सदस्य सह बीजेपी नेता अनिल टाइगर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या की घटना को अंजाम देकर वह से भाग रहे अपराधी का रांची पुलिस के साथ एनकाउंटर हुआ था. इस दौरान रोहित वर्मा नाम के अपराधी को गोली लगी थी और वह घायल हो गया था.
जमशेदपुर में मुख्तार अंसारी गैंग के अपराधी अनुज कनौजिया एनकाउंटर में हुआ ढेर
जमशेदपुर में बीते 30 मार्च की रात में यूपी एसटीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने मुख्तार अंसारी गिरोह के कुख्यात अपराधी अनुज कनौजिया को एनकाउंटर में मार गिराया. बता दें कि उत्तर प्रदेश से फरार होकर अनुज कनौजिया जमशेदपुर में छिपकर रह रहा था. उसके ऊपर हत्या, रंगदारी, लूट और गैंगस्टर सहित दो दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज थे.