न्यूज़11 भारत
हंसडीहा/डेस्क: श्रावण मास में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब कहलगांव से बासुकीनाथ धाम के लिए निकली 114वीं ऐतिहासिक एवं भव्य कांवर यात्रा दुमका के हंसडीहा पहुंची. पड़ाव संघ के नेतृत्व में करीब 3500 शिवभक्त कांवर लेकर बाबा बासुकीनाथ के दर्शन के लिए रवाना हुए हैं. कांवरियों के जत्थे में बुजुर्गों से लेकर युवा और महिलाएं भी शामिल हैं.
इस कांवर यात्रा का मुख्य आकर्षण 81 फीट लंबी विशाल कांवर है. इसके अलावा 61, 41 और 31 फीट लंबी कांवर भी श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं. विशाल कांवर को कंधे पर लेकर चल रहे शिवभक्तों में लंबी दूरी और थकान के बावजूद उत्साह देखने को मिला. रास्ते भर ‘बोल बम’, ‘बम-बम बासुकी’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा.
यात्रा की शुरुआत कहलगांव के सीढ़ी घाट स्थित उत्तरवाहिनी गंगा में पवित्र स्नान के साथ हुई. इसके बाद श्रद्धालुओं ने गंगाजल भरकर विधि-विधान से संकल्प पूजन किया और कांवर में गंगाजल लेकर बासुकीनाथ धाम की यात्रा शुरू की. कांवरियों का जत्था नंगे पैर यात्रा करता नजर आया. कंधे पर कांवर का भार और पैरों में लंबी यात्रा की थकान के बावजूद श्रद्धालुओं के चेहरे पर बाबा भोलेनाथ के प्रति अटूट आस्था और उत्साह दिखा. कांवरियों का एकमात्र संकल्प बासुकीनाथ धाम पहुंचकर बाबा भोलेनाथ को गंगाजल अर्पित करना है.
यात्रा के साथ चल रही भजन मंडली और शिवभक्ति के गीतों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया. वहीं, रथ पर स्थापित आदि योगी भगवान भोलेनाथ की भव्य प्रतिमा भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही. कांवरियों का जत्था जहां से भी गुजरा, वहां केसरिया रंग और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा.
इसे भी पढ़ें: पाकुड़ के शिक्षक जाली नोटों के साथ कामाख्या रेलवे जंक्शन पर गिरफ्तार