न्यूज11 भारत
रांची/डेस्क: विश्वसनीय इनपुट के आधार पर गुरुवार को विवेक शर्मा, वरिष्ठ कमाण्डेंट के निर्देशन, सुरेश उप कमाण्डेंट के नेतृत्व एवं संजीव कुमार मीणा सहायक कमाण्डेंट की उपस्थिति में सीआईएसएफ एनटीपीसी-सीएमपी हजारीबाग के द्वारा अवैध कोयला खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध व्यापक एवं प्रभावी अभियान चलाया गया. यह कार्रवाई खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के संशोधित प्रावधानों के अंतर्गत उपलब्ध वैधानिक अधिकारों के अनुरूप की गई. अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में अवैध रूप से खनन एवं भंडारित किए जा रहे कोयले की पहचान कर उसे जब्त करना तथा अवैध कोयला कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाना था. अवैध कोयला खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध अभियान लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित दुर्गम वन क्षेत्र के ग्राम जोराकाट, चपरी एवं सेहंदा में चलाया गया. बुधवार को लगभग 1400 बजे से गुरुवार को लगभग 0300 बजे तक चले इस अभियान में सीआईएसएफ के 100 से अधिक बल सदस्यों की विभिन्न टीमों को तैनात किया गया. टीमों द्वारा चिन्हित एवं संदिग्ध स्थानों पर सघन छापेमारी, तलाशी एवं जांच अभियान चलाया गया.
अभियान की प्रभावशीलता बढ़ाने तथा दुर्गम एवं वन क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों एवं स्थानों की पहचान के लिए ड्रोन तकनीक का भी उपयोग किया गया. ड्रोन के माध्यम से क्षेत्र की हवाई निगरानी की गई, जिससे ऐसे स्थानों की पहचान करने में महत्वपूर्ण सहायता मिली जहां अवैध रूप से कोयला खनन अथवा उसका भंडारण किए जाने की संभावना थी. इस तकनीकी निगरानी के आधार पर जमीनी टीमों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की गई. अभियान के दौरान ग्राम जोराकाट, चपरी एवं सेहंदा में स्थित अवैध कोयला भंडारण स्थलों से बड़ी मात्रा में कोयला बरामद किया गया. बरामद कोयले को 10 हाइवा वाहनों के माध्यम से एनटीपीसी के कांटा घर तक लाया गया, जहां विधिवत वजन कराया गया. वजन के उपरांत बरामद कोयले की कुल मात्रा 256.71 टन पाई गई. जब्त कोयले को सुरक्षित स्टॉक/स्टोरेज क्षेत्र में रखा गया है, ताकि आगे की आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.
अभियान देर रात तक चलने तथा बरामद कोयले के परिवहन एवं सुरक्षित भंडारण की कार्रवाई रात्रि में ही पूर्ण होने के कारण बरामद कोयले का तत्काल मूल्यांकन/मूल्य निर्धारण नहीं किया जा सका. अभियान के दौरान सीआईएसएफ के जवानो के द्वारा छापेमारी एवं तलाशी टीमों की सुरक्षा, अभियान क्षेत्र की सतत निगरानी तथा बरामद कोयले को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई. दुर्गम वन क्षेत्र, रात्रिकालीन अभियान एवं संवेदनशील परिस्थितियों के बावजूद सीआईएसएफ की विभिन्न टीमों ने समन्वित एवं अनुशासित तरीके से कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया. सीआईएसएफ के द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि हजारीबाग क्षेत्र में अवैध कोयला खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा तथा अवैध कोयला खनन, परिवहन एवं भंडारण के संदिग्ध गतिविधियों वाले क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाई जाएगी तथा अवैध कोयला कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों एवं नेटवर्क के विरुद्ध उपलब्ध वैधानिक प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
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