ज्ञापन

राष्ट्रपति,पीएम और मुख्यमंत्री के नाम चाईबासा जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग

जिला प्रशासन के अधिकारी एनडीसी देवेंद्र कुमार ज्ञापन सौंपकर गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग की.

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
राष्ट्रपति,पीएम और मुख्यमंत्री के नाम चाईबासा जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग

रोहन निषाद/न्यूज़ 11 भारत 
 
चाईबासा/डेस्क:
गौ माता के संरक्षण, संवर्धन और सम्मान को लेकर सोमवार को पूरे देश के साथ-साथ पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा में भी गौ सम्मान आवाह्न अभियान बड़े स्तर पर आयोजित किया गया. अभियान के तहत गौ प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नगर भ्रमण कर लोगों को जागरूक किया और बाद में जिला प्रशासन के अधिकारी एनडीसी देवेंद्र कुमार ज्ञापन सौंपकर गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग की.

कार्यक्रम की शुरुआत शहर के विभिन्न मार्गों से नगर भ्रमण के साथ हुई. हाथों में बैनर-पोस्टर और गौ माता के चित्र लेकर चल रहे कार्यकर्ताओं ने आम लोगों को गौ माता के धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व के बारे में जानकारी दी. भ्रमण के दौरान "गौ माता की जय" और "गौ को राष्ट्रमाता का दर्जा दो" के नारे भी गूंजे.नगर भ्रमण के बाद अभियान से जुड़ा प्रतिनिधिमंडल जिला मुख्यालय पहुंचा. यहां जिला प्रशासन के माध्यम से भारत सरकार एवं संबंधित अधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा गया. ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखी गईं. पहली, गौ संरक्षण कानून को और अधिक प्रभावी बनाया जाए. दूसरी, गौवंश की तस्करी और कत्ल पर सख्त रोक लगे तथा गौशालाओं के लिए पर्याप्त बजट और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं. तीसरी, देश की आस्था और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए गौ माता को संवैधानिक रूप से राष्ट्रमाता घोषित किया जाए.

ज्ञापन सौंपने के बाद गौ सम्मान आवाह्न अभियान के जिला प्रभारी सर्वेश प्रसाद ने कहा कि गौ माता केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार हैं. खेती, जैविक खाद, दूध और पंचगव्य के रूप में गौ माता का योगदान अतुलनीय है. उन्होंने सरकार से अपील की कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए गौ संरक्षण के लिए ठोस और दीर्घकालिक नीति बनाई जाए.

इस अवसर पर मां कामधेनु सेवा समिति की अध्यक्ष श्रीमती कमला देवी ने कहा कि आज समाज को अपनी जड़ों की ओर लौटने की जरूरत है. गौ आधारित जीवनशैली ही पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी है. समिति की सचिव प्रेम लता देवी ने भी गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया.अभियान के सह जिला प्रभारी अंकित शाह ने बताया कि यह अभियान एकदिवसीय नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाला आंदोलन है. इसके तहत गांव-गांव में गौ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इस दौरान अनुज गुप्ता, द्वारका शर्मा, समीर पाल, सुधांशु कुमार, बिट्टू कुमार, प्रिया गुप्ता, तनु कुमारी, सुमित तिवारी, मधु प्रधान, विश्वनाथ महतो सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और सामाजिक लोग उपस्थित रहे.

सभी कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखी. उन्होंने आशा जताई कि जिला प्रशासन उनके ज्ञापन को सरकार तक पहुंचाकर गौ संरक्षण की दिशा में सकारात्मक पहल करेगा.

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