विरोध प्रदर्शन

आपसू, एनएसयूआई और जेसीएम ने एनपीयू कुलपति का पुतला फूंककर दर्ज कराया विरोध

एफआईआर और सार्वजनिक धन की वसूली की मांग

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
आपसू, एनएसयूआई और जेसीएम ने एनपीयू कुलपति का पुतला फूंककर दर्ज कराया विरोध

संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत

पलामू/डेस्क:  नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय  में कथित वित्तीय अनियमितताओं, प्रशासनिक अव्यवस्था और छात्रहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर आपसू, एनएसयूआई एवं जेसीएम के संयुक्त तत्वावधान में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने एनपीयू कुलपति का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया.

छात्र नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों के भविष्य और सार्वजनिक धन से जुड़ी महत्वपूर्ण संस्था है. ऐसे में विश्वविद्यालय के वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों का पालन होना अनिवार्य है. यदि किसी भी मामले में वित्तीय अनियमितता के आरोप सामने आते हैं, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई जनता और विश्वविद्यालय परिवार के सामने रखी जानी चाहिए.

संगठनों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में सामने आए विभिन्न वित्तीय मामलों को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन अब तक उन सवालों का संतोषजनक और सार्वजनिक जवाब नहीं मिला है. छात्र संगठनों ने मांग की कि खरीद, भुगतान, स्वीकृति एवं अन्य वित्तीय प्रक्रियाओं से संबंधित दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सके.

आपसू, एनएसयूआई एवं जेसीएम के नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि छात्रों और समाज की सार्वजनिक संस्था है. इसलिए विश्वविद्यालय के प्रत्येक निर्णय में नियम, पारदर्शिता और छात्रहित सर्वोच्च होना चाहिए.

छात्र संगठनों ने राज्य सरकार एवं राजभवन से मांग की कि एनपीयू में वित्तीय अनियमितताओं के जो आरोप लगे हैं, उनकी ऑडिट रिपोर्ट आ चुकी है. जांच में यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय नुकसान प्रमाणित हुआ है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए और सार्वजनिक धन की वसूली सुनिश्चित की जाए.

नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत द्वेष के लिए नहीं, बल्कि स्वच्छ परिसर और भ्रष्टाचार मुक्त विश्वविद्यालय की मांग को लेकर है. विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा यदि छात्र संगठनों की मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की जाती है, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा.

छात्रों की 6 प्रमुख मांगें है जिसमें- 

  •  विश्वविद्यालय के वित्तीय मामलों पर त्वरित कार्रवाई हो.
  •  खरीद एवं भुगतान से संबंधित सभी अभिलेखों को सार्वजनिक किया जाए.
  •  वित्तीय अनियमितता प्रमाणित होने पर जिम्मेदार लोगों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए.
  •  सार्वजनिक धन की वसूली सुनिश्चित की जाए.
  •  विश्वविद्यालय में वित्तीय एवं प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए.
  •   छात्रों से जुड़े शैक्षणिक एवं प्रशासनिक मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए.  यह प्रमुख रुप से छात्रों कि मांग है..

आपसू, एनएसयूआई एवं जेसीएम के छात्र संघ के सदस्यों ने संयुक्त रूप से कहा कि जब तक विश्वविद्यालय में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रहित सुनिश्चित नहीं होता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा.

इस मौके पर आपसू के राहुल दुबे, कमलेश कुमार पाण्डेय, रतन दुबे, सानिया अग्रवाल, राज नेहा चौबे, प्रिया प्रजापति, अभय चौरसिया, एनएसयूआई के अमरनाथ तिवारी, रिशु राज दुबे, मोहित राज, सत्यप्रकाश तथा जेसीएम से कौशल किशोर, सौरभ पाठक, दिनेश, फैजल समेत सैकड़ों छात्र और छात्राएं मौजूद रहे.

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