Backward Caste Struggle Committee submits memorand

पिछड़ी जाति संघर्ष समिति ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, आरक्षण व अधिकारों की उठाई मांग

जिला पिछड़ी जाति संघर्ष समिति, सिमडेगा के पदाधिकारियों ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपकर दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल में निवास करने वाले पिछड़ी जाति (OBC) समुदाय के अधिकारों और समस्याओं को प्रमुखता स

By : Vaibhaw Vikram
पिछड़ी जाति संघर्ष समिति ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, आरक्षण व अधिकारों की उठाई मांग

न्यूज11 भारत
सिमडेगा/डेस्क:
जिला पिछड़ी जाति संघर्ष समिति, सिमडेगा के पदाधिकारियों ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपकर दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल में निवास करने वाले पिछड़ी जाति (OBC) समुदाय के अधिकारों और समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. समिति ने आरोप लगाया है कि वर्तमान व्यवस्था में पिछड़ी जाति को नौकरी, राजनीति और पेसा कानून के तहत अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है.

ज्ञापन में कहा गया है कि सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, खूंटी और रांची सहित कई जिलों में पिछड़ी जाति की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक स्थिति दयनीय बनी हुई है. अधिकांश लोग ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं, जहां गरीबी और अशिक्षा का स्तर अधिक है. समिति के अनुसार, क्षेत्र में लगभग 70 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं, जबकि साक्षरता दर भी काफी कम है.

समिति ने यह भी उल्लेख किया कि अविभाजित बिहार में पिछड़ी जाति को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलता था, लेकिन झारखंड गठन के बाद कई जिलों में आरक्षण समाप्त कर दिया गया, जिससे समुदाय के लोगों को रोजगार के अवसरों से वंचित होना पड़ रहा है. साथ ही राजनीतिक भागीदारी में भी कमी आई है.

ज्ञापन में पेसा कानून 1996 और प्रस्तावित पेसा कानून 2025 के संदर्भ में भी चिंता जताई गई है. समिति का कहना है कि पारंपरिक ग्राम व्यवस्था में पिछड़ी जाति की भागीदारी कम कर दी गई है, जिससे उनके सामाजिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं. इसके अलावा, आगामी जनगणना में OBC कॉलम शामिल नहीं किए जाने पर भी आपत्ति जताई गई है. समिति का मानना है कि इससे पिछड़ी जाति की वास्तविक जनसंख्या और स्थिति का आकलन नहीं हो पाएगा.

मुख्य मांगें:

  • राज्य के सभी जिलों में पिछड़ी जाति को 27 प्रतिशत आरक्षण या आबादी के आधार पर आरक्षण दिया जाए.
  • राजनीतिक पदों पर भी आबादी के अनुसार आरक्षण सुनिश्चित किया जाए.
  • पेसा कानून 2025 में पिछड़ी जाति को ग्राम स्तर पर अधिकार दिए जाएं.
  • जनगणना में OBC कॉलम शामिल किया जाए.
  • परिसीमन के दौरान भी आबादी के आधार पर आरक्षण लागू किया जाए.

समिति ने राज्यपाल से इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित कार्रवाई करने की अपील की है. ज्ञापन पर मुख्य संरक्षक जगदीश साहू, अध्यक्ष रामजी यादव और महासचिव बजरंग प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर मौजूद हैं.

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