अलकतरा घोटाला

अलकतरा घोटाला: हाई कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, पूर्व असिस्टेंट इंजीनियर उपेंद्र कुमार सिंह समेत तीन बरी 

उमेश पासवान और राजबली राम को भी राहत मिली है

By : Ark Sahuliyar
अलकतरा घोटाला: हाई कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, पूर्व असिस्टेंट इंजीनियर उपेंद्र कुमार सिंह समेत तीन बरी 

न्यूज़11 भारत 
रांची/डेस्क:
अलकतरा घोटाला मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व असिस्टेंट इंजीनियर उपेंद्र कुमार सिंह समेत तीन को बरी कर दिया है. उमेश पासवान और राजबली राम को भी राहत मिली है. 2019 में सीबीआई कोर्ट ने सभी को सजा सुनाई थी. हाई कोर्ट ने दोषसिद्धि और सजा का आदेश को रद्द कर दिया है. पूरा मामला 2009 का है. CBI ने मामले में केस दर्ज किया था. बिटुमेन खरीद में अनियमितता और फर्जीवाड़े का आरोप था. IPC और PC Act की धाराओं में चार्जशीट दाखिल हुई थी. न्यायाधीश राजेश कुमार की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया. 

यह भी पढ़ें- रिम्स अतिक्रमण विवाद से जुड़े मामले में आदिवासी नेत्री निशा कुमारी भगत को हाई कोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

संबंधित सामग्री

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

झारखंड हाईकोर्ट ने रामगढ़ के गांदके गांव में नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है.

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अभिलाष साहू को निलंबन मुक्त किए जाने के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट हैं.

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

झारखंड हाई कोर्ट ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में अनुकंपा के आधार पर नौकरी को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला सुनाया है.

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियरिंग सेल में लंबे समय तक संविदा पर काम करने वाले नौ कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है.

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

झारखंड हाईकोर्ट ने गैर-औपचारिक शिक्षा योजना में काम कर चुके 35 सुपरवाइजरों को झारखंड सरकार की नियमित सेवा में शामिल करने की मांग खारिज कर दी है.