भाजपा का प्रदर्शन

JPSC, JSSC और उत्पाद सिपाही भर्ती विवाद पर दिल्ली में भाजपा का प्रदर्शन, हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग

परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के मामले को लेकर झारखंड भाजपा के सभी सांसदों ने आज कांग्रेस की दोहरी राजनीति के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया.

By : News11 Bharat
JPSC, JSSC और उत्पाद सिपाही भर्ती विवाद पर दिल्ली में भाजपा का प्रदर्शन, हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग

न्यूज़11 भारत 
रांची/डेस्क:
 झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल, उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के मामले को लेकर झारखंड भाजपा के सभी सांसदों ने आज बुधवार को दिल्ली के मकर द्वार के समक्ष कांग्रेस की दोहरी राजनीति के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया.

इस मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने छात्रों एवं युवाओं के मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस दिल्ली में छात्रों के मुद्दे पर हाय तौबा मचा रही है जबकि दूसरी तरफ झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल सहित अन्य भर्ती परीक्षा घोटाले पर उनकी जुबान पर ताला जड़ा हुआ है. उत्पाद सिपाही भर्ती दौड़ में तो झारखंड के 19 बच्चों की मौत भी हो गई. इसके बावजूद कांग्रेस के नेताओं की जुबान इस मामले पर बंद क्यों है?

उन्होंने कहा कि कांग्रेस दोहरी राजनीति करती है. एक ओर दिल्ली में मांग करती है कि जांच हो और झारखंड में पूरी तरह मौन है. 19 अभ्यर्थी उत्पाद सिपाही दौड़ में मारे गए हैं. कांग्रेस झारखंड में मांग करे कि उन मृत बच्चों के परिजनों को हेमंत सरकार 1-1 करोड़ रुपए मुआवजे का तत्काल भुगतान करे. हमारी पार्टी की मांग है कि दिल्ली से कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी  झारखंड की धरती पर जाएं. 

आदित्या साहू ने कहा, भाजपा मांग करती है कि झारखंड में पिछले 6 वर्षों में हेमंत सरकार में जितनी भी भर्ती परीक्षा में अनियमिताएं हुई है, पेपर लीक हुआ है, सभी मामलों की सीबीआई जांच हो. कांग्रेस झामुमो जैसे चोरों के समर्थन से जो सरकार चल रही है, इस मामले में जो भी दोषी हो, उन्हें जेल की सलाखों में भेजने का काम किया जाए.

इस दौरान प्रदर्शन के दौरान भाजपा के सांसदों ने राहुल गांधी, हेमंत सोरेन, झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस हाय-हाय, हेमंत सोरेन इस्तीफा दो, युवाओं के भविष्य का सौदा बंद करो, युवाओं का भविष्य सुरक्षित करो, झारखंड में भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी पर राहुल गांधी चुप्पी तोड़ो, कांग्रेस दोहरी राजनीति बंद करे जैसे नारे भी लगाए.

इस दौरान आदित्य साहू के अलावा निशिकांत दुबे, बीडी राम, विद्युत वरण महतो, डॉ  प्रदीप वर्मा, कालीचरण सिंह, ढुल्लू महतो, मनीष जायसवाल भी उपस्थित रहे.

इसे भी पढ़ें: रांची विश्वविद्यालय का 39वां दीक्षांत समारोह, 68 गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों की सूची जारी

संबंधित सामग्री

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

झारखंड हाईकोर्ट ने रामगढ़ के गांदके गांव में नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है.

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अभिलाष साहू को निलंबन मुक्त किए जाने के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट हैं.

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

झारखंड हाई कोर्ट ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में अनुकंपा के आधार पर नौकरी को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला सुनाया है.

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियरिंग सेल में लंबे समय तक संविदा पर काम करने वाले नौ कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है.

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

झारखंड हाईकोर्ट ने गैर-औपचारिक शिक्षा योजना में काम कर चुके 35 सुपरवाइजरों को झारखंड सरकार की नियमित सेवा में शामिल करने की मांग खारिज कर दी है.