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सरायकेला/डेस्क: झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कहा कि जब तक झामुमो और कांग्रेस की सरकार छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लेती है और परीक्षाओं में की गई धांधली की जांच सीबीआई से नहीं कराती है, तब तक भाजपा के कार्यकर्ता छात्रों के साथ किए गए अन्याय के विरोध में सड़कों पर उतर कर विरोध करते रहेंगे. वे सरायकेला- खरसावां जिला संगठन के द्वारा आयोजित जिला मुख्यालय के सामने प्रदर्शन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उक्त बातें कही.
आदित्य साहू ने कहा कि आज झारखंड भ्रष्टाचार के मामले में नित नए रिकॉर्ड कायम करती जा रही है. झारखंड सरकार के मुखिया के नेतृत्व और संरक्षण में झारखंड के बालू, कोयला, पत्थर, जमीन आदि को बेची जा रही है. झामुमो, कांग्रेस और राजद को पैसे की इतनी भूख है कि खनिज संपदाओं को बेचने के बाद अब वह झारखंड के नौनिहालों के सपने, रोजगार और भविष्य को बेचने में लगी हुई है. उन्होंने पूछा कि आखिर ये लोग उतने पैसे का करेंगे क्या?
उन्होंने कहा कि झामुमो के द्वारा कभी नारा दिया जाता था कि जल, जंगल, जमीन की रक्षा हमलोग करेंगे. लेकिन सत्ता में आते ही ये लोग जल, जंगल, जमीन का सौदा करने में व्यस्त हो गए. आज झामुमो ने राज्य की क्या हालात बना दी है, यह किसी से छुपी हुई नहीं है. राज्य में विकास के सारे काम ठप हैं, अस्पताल, सड़कें, स्कूल, सबकी हालात खराब है.
उन्होंने कहा कि राज्य की हेमंत सोरेन की सरकार ने झारखंड में एक से एक कारनामे को अंजाम दिया है. सरकार छात्रों के साथ अन्याय और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है.
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार ने कौड़ी के भाव झारखंड की नौकरी को बाहर के छात्रों के हाथों बेचने का काम की है. हद तो तब हो गयी जब यह पता चला कि जिन छात्रों को झारखंड की स्थानीय भाषा खोरठा की 'ख'और नागपुरी की 'न' की भी जानकारी नहीं है वैसे छात्रों का चयन इस भाषा के विषय के लिए हुआ है. लेकिन जिन छात्रों को इन भाषाओं की जानकारी है उनका चयन ही नहीं हुआ.
आदित्य साहू ने कहा कि सीजीएल की परीक्षा में बैठेने वाले चयनित छात्रों को देश के बाहर ले जाकर प्रश्न लीक कर के जवाब रटवाये गए, जो प्रश्न रटवाये गए थे उनमें से 150 में से 120 प्रश्न सेम आये थे.
साहू ने कहा कि झारखंड के छात्रों के द्वारा अपने साथ किये गए अन्याय के खिलाफ संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से जब जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनशन कर रहे थे. उनको परेशान करने के उद्देश्य से रात में वहां की बिजली कटवा दी गयी, पानी बन्द करवा दिया गया, शौचालय बन्द करवा दी गयी. भारी बारिश में छात्र भीगते रहे लेकिन टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी गयी. भाजपा के विरोध के बाद छात्र वहां टेंट लगा सके और 26 दिनों तक अनशन करते रहे.
उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्र शांतिपूर्ण, संवैधानिक और मर्यादा में रह कर 26 दिनों तक अनशन किया. किसी पुलिस वाले के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया. किसी को गाली नहीं दी. झामुमो के गुंडों के द्वारा अपना बैनर झंडा लेकर आंदोलनरत छात्रों को राज्य के कई जिलों में बुरी तरह से पीटा गया. सरकार ने निर्दोष 1000 छात्रों पर मुकदमे दर्ज करा दी. उनको डराने धमकाने हेतु उनके घरों एवं हॉस्टलों में रात के अंधेरे में पुलिस ने छापेमारी की, उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया ताकि वे आंदोलन से हट जाएं.
साहू ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जबतक सरकार छात्रों और दर्ज झूठे मुकदमे वापस नहीं लेती है और परीक्षा में की गई धांधली की जांच सीबीआई से नहीं कराती है तब तक भाजपा सड़कों पर उतर कर सरकार की नीतियों का विरोध करती रहेगी.
आदित्य साहू ने झारखंड सरकार के द्वारा एमएमडीआर बिल का विरोध करने पर कहा कि यह बिल झारखंड के हित में है. झारखंड सरकार की कोयला और लौह अयस्क पर सेस लगाने की गलत नीति के कारण आज झारखंड के कोयले और लोहे की बिक्री कम हो गई हैं. इसके कारण राज्य सरकार को राजस्व की हानि हो रही है लेकिन इसकी चिंता राज्य सरकार को नहीं है.
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के संरक्षण में कोयले और लौहे की अवैध खनन हो रही है और सत्ताधारी दलों के नेताओं और बिचौलियों के तिजोरी भर रहे हैं.
झारखंड के कोयले और लोहे की चोरी और लीगल खनन से उत्पादित कोयले और लोहे की कीमत ज्यादा होने के कारण बीसीसीएल और सीसीएल के कोयले की मांग कम हो गयी है जिसके कारण बीसीसीएल और सीसीएल बन्दी के कगार पर पहुंच गई है.
उन्होने लोगों से झामुमो और कांग्रेस के एमएमडीआर बिल के विरोध में फैलाई गई दुष्प्रचार से सावधान रहने की बात कही. कहा कि अगर झारखंड में लीगल तरीके से खनिज पदार्थों का खनन होगा तो झारखंड के गांव, गरीब, मजदूर के घर पैसे आएंगे. यही बात झामुमो और कांग्रेस के नेताओं को पच नहीं रही है.
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