संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत
पलामू/डेस्क: रांची के तिरिल स्थित सीआरपीएफ कैंप में रविवार को अपने सर्विस हथियार से गोली लगने से मृत हुसैनाबाद निवासी सीआरपीएफ हवलदार भुनेश्वर पाल का शव सोमवार को पैतृक आवास हुसैनाबाद लाया गया. शव पहुंचते ही परिवार और ग्रामीणों में चीख-पुकार मच गई. बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे. सीआरपीएफ अधिकारियों ने तिरंगे में लिपटा शव परिजनों को सौंपा और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम सलामी दी. इसके बाद जपला स्थित सोन नदी मुक्ति धाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया.
मौके पर सीआरपीएफ के अधिकारी व जवान, हुसैनाबाद थाना प्रभारी चंदन कुमार, वार्ड पार्षद राजेंद्र पाल, पूर्व सैनिक और ग्रामीण मौजूद रहे. भुनेश्वर पाल के परिवार में पत्नी, तीन बच्चे, पिता और दादी सहित अन्य सदस्य हैं. वहीं, परिजनों ने विभागीय प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. मृतक CRPF हालवदार की बेटी अलका प्रिया ने बताया कि कि 26 सितंबर की रात उनके पिता ने फोन पर विभागीय काम को लेकर परेशानी की बात कही थी.
उन्होंने कथित रूप से एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा डांटने और काम को लेकर दबाव बनाए जाने की बात बताई थी. अलका के अनुसार, उनके पिता ने नौकरी को लेकर चिंता भी जाहिर की थी. उन्होंने बताया कि मेस ड्यूटी के दौरान भी पिता कई बार व्यस्त और परेशान रहने की बात कहते थे. अलका ने कहा कि घटना से पहले पिता से हुई बातचीत के आधार पर परिवार चाहता है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यह स्पष्ट किया जाए कि किन परिस्थितियों में उन्होंने यह कदम उठाया. हालांकि, विभागीय दबाव से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.