गंभीर सवाल

JPSC–JSSC भर्ती घोटालों पर कांग्रेस और CJP की चुप्पी युवाओं के साथ विश्वासघात, राहुल गांधी दें जवाब - दीपक प्रकाश

जांच एजेंसियों के तथ्यों ने भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े किए - दीपक प्रकाश

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
JPSC–JSSC भर्ती घोटालों पर कांग्रेस और CJP की चुप्पी युवाओं के साथ विश्वासघात, राहुल गांधी दें जवाब - दीपक प्रकाश

न्यूज11  भारत

रांची/डेस्क: भारतीय जनता पार्टी झारखंड के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने झारखंड में JPSC एवं JSSC की भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं, पेपर लीक, धांधली तथा भर्ती प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवालों को राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य पर सीधा प्रहार बताया है. उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों द्वारा सामने लाए जा रहे तथ्यों ने भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं, जिससे युवाओं का विश्वास लगातार कमजोर हुआ है.

उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक दल देशभर में विभिन्न मुद्दों पर लोकतंत्र और युवाओं के अधिकारों की बात करते हैं, वे झारखंड के लाखों प्रतियोगी छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर विषय पर आश्चर्यजनक रूप से मौन हैं. यदि कांग्रेस और CJP वास्तव में छात्रों के हितैषी हैं, तो उन्हें झारखंड आकर छात्रों के पक्ष में आवाज उठानी चाहिए तथा मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन से नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए जवाबदेही तय करने की मांग करनी चाहिए.

प्रकाश ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी इस मुद्दे पर अपनी स्पष्ट राय देश और झारखंड के युवाओं के सामने रखनी चाहिए. उन्होंने कहा कि झारखंड में कांग्रेस समर्थित सरकार के कार्यकाल के दौरान भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार विवाद, कथित पेपर लीक और धांधलियों के आरोप सामने आते रहे हैं. ऐसे में राहुल गांधी की चुप्पी अनेक सवाल खड़े करती है. उन्हें बताना चाहिए कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील विषय पर उनकी आवाज कब उठेगी और वे अपने सहयोगी दल से जवाबदेही कब सुनिश्चित करेंगे.

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रारंभ से ही पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचारमुक्त भर्ती प्रक्रिया की पक्षधर रही है तथा युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रही है.

दीपक प्रकाश ने राज्य सरकार से मांग की कि JPSC एवं JSSC से जुड़े सभी मामलों की निष्पक्ष, समयबद्ध एवं पारदर्शी जांच कराई जाए, दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, युवाओं के साथ हुए अन्याय की भरपाई की जाए तथा भविष्य की सभी भर्ती प्रक्रियाओं को पूर्णतः पारदर्शी, विश्वसनीय एवं तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाया जाए.
उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं का भविष्य किसी भी राजनीतिक स्वार्थ से बड़ा है. राज्य सरकार को इस पूरे प्रकरण पर अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए जनता और लाखों अभ्यर्थियों के समक्ष स्पष्ट जवाब देना चाहिए.

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