विवाद

चाईबासा बाईपास चौक में शिबू सोरेन की प्रतिमा लगाने के विवाद मामले पर कांग्रेस ने अपना पक्ष स्पष्ट किया, ग्रामसभा हो

अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा केवल एक औपचारिक संस्था नहीं, बल्कि स्थानीय स्वशासन, जनभागीदारी की सबसे मजबूत इकाई

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
चाईबासा बाईपास चौक में शिबू सोरेन की प्रतिमा लगाने के विवाद मामले पर कांग्रेस ने अपना पक्ष स्पष्ट किया, ग्रामसभा हो

रोहन निषाद/न्यूज़ 11 भारत 

चाईबासा/डेस्क: बाईपास चौक पर दिशोम गुरु शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा लगाए जाने को लेकर उत्पन्न हुए विवाद पर रविवार को जिला कांग्रेस कमिटी, प०सिंहभूम की ओर से अधिकारिक रूप से प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजन बोयपाई ने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि संविधान द्वारा प्रदत्त ग्रामसभा के अधिकार एवं उसका निर्णय सर्वोपरि है. अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा केवल एक औपचारिक संस्था नहीं, बल्कि स्थानीय स्वशासन, जनभागीदारी और लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे मजबूत इकाई है.

उन्होंने कहा कि अगर ग्रामसभा ने सर्वसम्मति से कोई निर्णय लिया है, तो उसका सम्मान सभी राजनीतिक दलों, संगठनों एवं प्रशासन को करना चाहिए. किसी भी सार्वजनिक निर्माण, प्रतिमा स्थापना अथवा अन्य कार्य में संबंधित ग्रामसभा की सहमति और संवैधानिक प्रक्रिया का पालन आवश्यक है. दिशोम गुरु शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन के महानायक है. जल, जंगल, जमीन और आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों के लिए उनके संघर्ष को कांग्रेस पूर्ण सम्मान देती है. उनके योगदान को कभी भी कम करके नहीं आंका जा सकता.

कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि यह विषय ग्रामसभा बनाम गुरुजी का नहीं है. कांग्रेस का मानना है कि ग्रामसभा का निर्णय सर्वोपरि है और गुरुजी का सम्मान भी सर्वोपरि है. दोनों का सम्मान संविधान, लोकतंत्र और झारखंड की अस्मिता के अनुरूप होना चाहिए.त्रिशानु राय ने सभी पक्षों से अपील किया कि इस विषय को राजनीतिक विवाद का रूप देने के बजाय संवाद, सहमति और संवैधानिक व्यवस्था के माध्यम से समाधान निकाला जाए, ताकि सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारा और झारखंड की गौरवशाली परंपरा अक्षुण्ण बनी रहे.

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