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रांची/डेस्क: JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर जारी छात्र आंदोलन, खनन संशोधन बिल और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर सोमवार को कांग्रेस ने रांची में प्रेस वार्ता की. कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने खनन संशोधन बिल को संघीय ढांचे पर सीधा प्रहार बताते हुए कहा कि राज्यों की भागीदारी को लेकर 18 अगस्त को रणनीति तैयार की जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि बिल पेश करने से पहले राज्यों से कोई बातचीत नहीं की गई. इस बिल से राज्य को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है, जबकि इसका सबसे अधिक लाभ बड़े उद्योगपतियों को मिलेगा. कांग्रेस ने बिल के विरोध में सड़क से सदन तक आंदोलन करने की चेतावनी दी.
छात्र आंदोलन को लेकर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी हमेशा छात्रों की समस्याओं को लेकर मुखर रहे हैं. उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र भी लिखा है. साथ ही छात्रों की समस्याओं को लेकर पूरे देश में ‘गूंज’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई है. विधायक दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को लेकर गंभीर है. छात्रों की ओर से JPSC की 14वीं परीक्षा और बैकलॉग को रद्द करने की मांग रखी गई है. JSSC परीक्षा के संबंध में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आधार पर रिजल्ट जारी किया गया था. उन्होंने बताया कि मामले की CID जांच की निगरानी जज की कमेटी के तहत होगी और 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दायर करने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा कि पेपर लीक करने वालों के खिलाफ झारखंड में कठोरतम सजा का प्रावधान किया जाएगा और प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था में व्यापक बदलाव की तैयारी सरकार कर रही है.
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने कहा कि सभी मतदाताओं को उनके मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए. पार्टी का आरोप है कि 63 लाख मतदाताओं को पेंडिंग में रखा गया है, जबकि करीब 15 लाख मतदाताओं की मैपिंग नहीं की गई है. कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि SIR को लेकर बीएलओ को पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं दिया गया.
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि सरकार छात्रों की सभी जायज मांगों के साथ है और छात्रों के मुद्दे को लेकर सरकार व कांग्रेस गंभीर हैं. उन्होंने बताया कि सरकार ने एक डेलिगेशन बनाया है, जो छात्रों की मांगों पर काम कर रहा है. उन्होंने आदिवासी समाज के लोगों से SIR की प्रक्रिया में आगे बढ़कर शामिल होने की अपील की.
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने केंद्र सरकार के खान-खनन संशोधन बिल का विरोध करते हुए कहा कि इससे आदिवासी और मूलवासी समुदाय को नुकसान होगा. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रपति से भी मुलाकात की जाएगी. जरूरत पड़ने पर प्रधानमंत्री आवास के घेराव का भी निर्णय लिया जा सकता है. इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार और कांग्रेस इस मुद्दे को गंभीरता से उठा रही है और आदिवासी-मूलवासी हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज बुलंद की जाएगी. शिल्पी नेहा तिर्की ने खनन संशोधन बिल को ‘काला कानून’ बताते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए झारखंड को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है.
प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के स्थायी आमंत्रित सदस्य और झारखंड प्रभारी के. राजू , झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश एवं सह प्रभारी बेला प्रसाद, भूपेंद्र मराबी, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह मौजूद रहे.
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