प्रसूता की मौत

प्रसूता की मौत पर न्याय मांगने वाले भाजपा नेताओं के खिलाफ दमन, झारखंड में लोकतंत्र नहीं तानाशाही चल रही: प्रतुल शाह देव

प्रदेश अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू का फोन डीजीपी के द्वारा नहीं उठाना दुर्भाग्यपूर्ण

By : Ark Sahuliyar
प्रसूता की मौत पर न्याय मांगने वाले भाजपा नेताओं के खिलाफ दमन, झारखंड में लोकतंत्र नहीं तानाशाही चल रही: प्रतुल शाह देव

न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क:
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि एक प्रसूता की कथित लापरवाही से हुई मौत के खिलाफ आवाज उठाने वाले भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने के लिए झारखंड सरकार पुलिस का घोर दुरुपयोग कर रही है. सरकार ने लोकतांत्रिक विरोध का जवाब देने के बजाय जामताड़ा भाजपा के जिला अध्यक्ष सुमित शरण एवं अन्य नेताओं के यहां घर पर पुलिस को भेज कर उनके परिजनों के साथ दुर्दांत अपराधी की तरह सलूक किया.

उन्होंने कहा कि जिस सरकार को रीना देवी नामक प्रसूता की मौत के मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए थी, वह न्याय की मांग करने वालों पर ही कार्रवाई करने में जुटी है. यह बताता है कि झारखंड सरकार जनता के सवालों का जवाब देने के बजाय सवाल उठाने वालों को चुप कराना चाहती है. उन्होंने कहा कि सुमित शरण और अन्य भाजपा के नेताओं का यही गुनाह था कि वह जनता की आवाज को बुलंद कर रहे थे. जामताड़ा पुलिस ने जिस तरीके से सुमित शरण जी के घर पर छापेमारी की और परिजनों से बदसलूकी की वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है.जामताड़ा की पुलिस मंत्री इरफान अंसारी के इशारों पर नाच रही है जो कतई उचित नहीं है. नियम कानून का पालन सबको करना चाहिए. जामताड़ा पुलिस इरफान पुलिस ना बने.

भाजपा के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल ने कहा कि सबसे दुर्भाग्यपूर्ण पहलू है कि प्रदेश अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू जी के द्वारा इस मसले पर डीजीपी से संपर्क किया गया . डीजीपी के द्वारा उनका फोन नहीं उठाना और मैसेज का जवाब नहीं देना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. सांसद का अपना प्रोटोकॉल होता है.प्रतुल ने कहा कि अफसरों को कानून और संविधान के दायरे में काम करना चाहिए सरकार का टूल किट बनकर नहीं रह जाना चाहिए. सरकारी आती जाती रहती है. आज उनकी है,तो कल हमारी भी हो सकती है.

प्रतुल शाह देव ने कहा कि पुलिस को जिला अध्यक्ष समेत तमाम नेताओं को बीएनएस के द्वारा 35(3) के तहत नोटिस देकर बुलाना चाहिए था. लेकिन जिस तरीके से पुलिस ने रेड किया गया वह साफ दिख रहा है कि ये सरकार विपक्ष को डराने की कोशिश कर रही है.सरकार को यह समझ लेना चाहिए कि पुलिस को ताकत के बल पर जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता. जिन भाजपा नेताओं पर अस्पताल में तोड़फोड़ का आरोप लगा है उससे संबंधित सीसीटीवी फुटेज सरकार क्यों नहीं जारी कर रही?

प्रतुल शाह देव ने कहा कि झारखंड सरकार तानाशाही पर उतर आई है. लेकिन भाजपा न तो इस दमन से डरेगी और न ही प्रसूता की मौत के मामले में न्याय की मांग से पीछे हटेगी. उन्होंने मांग की कि प्रसूता की मौत की निष्पक्ष जांच हो, लापरवाही के लिए जिम्मेदार चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई हो और भाजपा नेताओं के खिलाफ की जा रही राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई तत्काल बंद की जाए. वरना भाजपा सड़को पर उतरेगी. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अजय राय और नीरज सिंह भी उपस्थित रहें.

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