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रांची/डेस्क: पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी को पत्र लिखकर संताली भाषा की सभी पाठ्यपुस्तकें, संदर्भ सामग्री, शिक्षक मार्गदर्शिकाएं एवं डिजिटल संसाधन इत्यादि को ओलचिकी लिपि में प्रकाशित कराए जाने का अनुरोध किया.
रघुवर दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा ओलचिकी लिपि का आविष्कार गुरु गोमके पंडित रघुनाथ मुर्मू ने किया था. यह लिपि संताली भाषा की ध्वन्यात्मक संरचना एवं शुद्ध उच्चारण को अभिव्यक्त करने में सक्षम है. उन्होंने कहा कि पारसी आरीचाली मरांग बुरु आखड़ा, दुमका (संताल परगना) द्वारा झारखंड के विभिन्न आदिवासी सामाजिक संगठनों की ओर से समर्पित ज्ञापन को भी पत्र के साथ संलग्न किया गया है.
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