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रांची/डेस्क: झारखंड और इससे सटे पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी क्षेत्रों में बना मौसम तंत्र अब धीरे-धीरे कमजोर होने की ओर बढ़ रहा है. इसके बावजूद राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम प्रणाली के प्रभाव से खासकर पलामू और आसपास के इलाकों में 15 अगस्त से भारी बारिश देखने को मिल सकती है.
18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा सिस्टम
मौसम तंत्र पिछले छह घंटों में करीब 18 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा. 14 अगस्त 2026 को सुबह 11:30 बजे IST पर इसका केंद्र झारखंड के ऊपर 23.3 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 85.3 डिग्री पूर्वी देशांतर के आसपास दर्ज किया गया. यह सिस्टम रांची के आसपास सक्रिय रहा. इसके केंद्र की स्थिति हजारीबाग से करीब 80 किलोमीटर दक्षिण, छत्तीसगढ़ के जशपुरनगर से लगभग 130 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व, डाल्टनगंज से 150 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व और अंबिकापुर से करीब 210 किलोमीटर पूर्व में बताई गई.
अगले छह घंटे में कमजोर होने के संकेत
मौसम प्रणाली के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते रहने की संभावना है. इसके झारखंड से होते हुए उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ने के दौरान अगले छह घंटों में कमजोर पड़ने के आसार हैं. मौसम तंत्र के कमजोर होकर 'वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया' यानी स्पष्ट रूप से चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र में तब्दील होने की संभावना जताई गई है. हालांकि, सिस्टम के कमजोर होने के बावजूद इससे जुड़े बादल और नमी झारखंड के विभिन्न हिस्सों में बारिश को प्रभावित कर सकते हैं.
रांची में कल भी बारिश का दौर रहने की संभावना
राजधानी रांची में 15 अगस्त को भी बारिश का सिलसिला देखने को मिल सकता है. आसमान में बादल छाए रहने के साथ कई दौर में बारिश होने की संभावना है. सिस्टम के पश्चिम की ओर बढ़ने के कारण राजधानी और आसपास के इलाकों में मौसम का असर बना रह सकता है.
पलामू में 15 अगस्त से बढ़ सकती है बारिश की तीव्रता
पलामू प्रमंडल के लिए अगले चरण में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है. 15 अगस्त से पलामू और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश के दौर बढ़ सकते हैं. लगातार बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं.
अंबिकापुर और उत्तरी छत्तीसगढ़ पर भी असर
झारखंड से पश्चिम की ओर बढ़ रहा यह सिस्टम उत्तरी छत्तीसगढ़ के मौसम को भी प्रभावित करेगा. अंबिकापुर सहित आसपास के क्षेत्रों में बादल और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. सिस्टम की दिशा और गति के कारण झारखंड के पश्चिमी जिलों में इसका प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक महसूस होने की संभावना है.
बारिश की कमी घटकर 18 फीसदी, सूखे का खतरा कम
लगातार बारिश से झारखंड में मौसमी वर्षा की स्थिति में भी सुधार हुआ है. राज्य में बारिश की कमी अब घटकर करीब 18 प्रतिशत रह गई है. कई जिले सामान्य बारिश की श्रेणी के करीब पहुंच चुके हैं. मौसम विभाग के मानकों के अनुसार बारिश में 15 प्रतिशत तक की कमी को सामान्य श्रेणी में माना जाता है. ऐसे में राज्य में हालिया बारिश ने मानसून की स्थिति को काफी हद तक बेहतर किया है और फिलहाल बड़े पैमाने पर सूखे जैसी स्थिति की आशंका पहले की तुलना में काफी कम नजर आ रही है.
किसानों को बारिश से राहत की उम्मीद
मानसून की कमी में लगातार हो रही भरपाई कृषि क्षेत्र के लिए भी राहत की खबर है. आने वाले दिनों में यदि झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला बना रहता है, तो बारिश की कमी और कम हो सकती है. हालांकि, जिलेवार बारिश की स्थिति अलग-अलग रहने के कारण स्थानीय स्तर पर फसलों और जलस्रोतों पर इसका प्रभाव भी अलग हो सकता है. कुल मिलाकर, झारखंड के ऊपर सक्रिय मौसम प्रणाली अब कमजोर होने की दिशा में है, लेकिन इसके प्रभाव से अगले एक-दो दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की उम्मीद है. खासकर रांची, पलामू और पश्चिमी जिलों में मौसम पर नजर बनी रहेगी.
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