तीसरी सोमवारी

सावन की तीसरी सोमवारी पर शिवालयों में उमड़े शिव भक्त, हर-हर महादेव से गूंजा बरवाडीह 

सुबह से ही विभिन्न मंदिरों में जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा.

By : Ark Sahuliyar
सावन की तीसरी सोमवारी पर शिवालयों में उमड़े शिव भक्त, हर-हर महादेव से गूंजा बरवाडीह 

प्रमोद कुमार /न्यूज़ 11 भारत
बरवाडीह (लातेहार) :
 सावन की तीसरी सोमवारी और नागपंचमी के अवसर पर पूरा बरवाडीह क्षेत्र शिवमय नजर आया. सुबह से ही विभिन्न मंदिरों में जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा. चारों ओर गूंजते हर-हर महादेव के जयकारों के बीच श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला. इस अवसर पर बरवाडीह प्रखंड के विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालु उमड़ पड़े. सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में पहुंचने लगे. दिनभर मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’,‘बोल बम’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष से गूंजते रहे.
बरवाडीह के प्रसिद्ध पहाड़ी शिव मंदिर, पंचमुखी शिव मंदिर बाजार, आदिशक्ति महाबीर मंदिर बस स्टैंड, सराईडीह शिव मंदिर, कुटमु शिव मंदिर समेत प्रखंड के विभिन्न गांवों के शिवालयों में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को गंगाजल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत और पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना की. श्रद्धालुओं ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, शांति एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की.
पूजा-अर्चना को लेकर महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला. सुबह से ही कई मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रही. अनेक श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ का विशेष रुद्राभिषेक कराया तथा महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया. मंदिर परिसरों में भजन-कीर्तन और शिव भक्ति गीतों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा.
बरवाडीह के पहाड़ी मंदिर, पंचमुखी मंदिर और आदिशक्ति महाबीर मंदिर बस स्टैंड में विशेष रूप से श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली. दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचे. श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मंदिर समितियों और स्थानीय स्वयंसेवकों द्वारा पेयजल, कतार व्यवस्था एवं साफ-सफाई की व्यवस्था की गई थी, वहीं भीड़ को नियंत्रित करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के जवान भी विभिन्न मंदिरों के आसपास मुस्तैद रहे.
श्रद्धालुओं ने बताया कि सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और सोमवारी के दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि आती है.

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