पंकज कुमार/न्यूज11 भारत
घाघरा/डेस्क: घाघरा प्रखंड मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार को वट सावित्री व्रत श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ. सुहागिन महिलाओं ने अखंड सौभाग्य, पति की लंबी उम्र एवं परिवार की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर विधि-विधान से वट (बरगद) वृक्ष की पूजा-अर्चना की.
सुबह से ही नववस्त्रों और शृंगार से सजी महिलाओं की टोली विभिन्न मंदिरों एवं चौक-चौराहों पर स्थित बरगद के पेड़ों के पास जुटने लगी थी. महिलाओं ने वट वृक्ष के नीचे यमराज, सावित्री और सत्यवान की प्रतिमा स्थापित कर पूरे श्रद्धाभाव से पूजा की. इस दौरान जल, फल, फूल, रोली, मौली, भीगे हुए चने एवं विभिन्न पकवान अर्पित किए गए. व्रती महिलाओं ने पति की दीर्घायु और परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए बरगद के पेड़ की 108 बार परिक्रमा कर रक्षा सूत्र बांधा. पूजा के दौरान पुरोहितों एवं बुजुर्ग महिलाओं द्वारा सावित्री-सत्यवान की पौराणिक कथा सुनाई गई. कथा में बताया गया कि किस प्रकार माता सावित्री ने अपने दृढ़ संकल्प और पतिव्रता धर्म के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे.
पूजा संपन्न होने के बाद महिलाओं ने भीगे हुए चने और फलों का बायन अपनी सास एवं घर के बुजुर्गों को अर्पित कर उनका आशीर्वाद लिया. दोपहर बाद व्रती महिलाओं ने खरबूजा, आम एवं अन्य मौसमी फलों का सेवन कर व्रत खोला.
वट सावित्री पूजा को लेकर पूरे घाघरा प्रखंड का माहौल भक्तिमय बना रहा. प्रमुख पूजा स्थलों पर सुबह से ही काफी चहल-पहल और उत्साह देखने को मिला.
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