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झरिया/डेस्क: कुसुंडा क्षेत्र के विश्वकर्मा परियोजना में कल शुक्रवार को पहली पाली के दौरान एक एसडीई 735 नंबर का होलपैक अनियंत्रित होकर लगभग 40 फीट गहरे पैच (खदान की खाई) में जा गिरा. इस भीषण हादसे में होलपैक ऑपरेटर ललन नोनियां (48) की मौत हो गई. घटना के बाद खदान क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ मजदूरों का आक्रोश फूट पड़ा. सहकर्मियों ने किसी तरह ललन को वाहन से बाहर निकाल कर धनबाद सेंट्रल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही कुसुंडा के महाप्रबंधक निखिल बी त्रिवेदी अस्पताल पहुंचे, जहां संयुक्त मोर्चा नेताओं ने मृतक के आश्रित पुत्र को तत्काल नियोजन देने की मांग की. जीएम ने यूनियन की मांगें पूरी करने का लिखित आश्वासन दिया है.
यूनियन नेता अरविंद सिंह, विनय सिंह और छोटू राम ने आरोप लगाया कि माइंस के हालमार्ग बेहद अव्यवस्थित हैं और भारी वाहनों का मेंटेनेंस सही ढंग से नहीं होता है. घटना के बाद डीजीएमएस की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रबंधन को मार्ग सुधारने व मशीनों का रख-रखाव सुचारू करने का निर्देश दिया.
मृतक ललन नोनियां धनबाद के भूली के रहने वाले थे और अपने पीछे पत्नी व तीन पुत्र आशीष, अमन और अंश को छोड़ गए हैं. विदित हो कि वर्ष 2014 में भी इसी परियोजना में ऑपरेटर मदन पासी की होलपैक हादसे में मौत हुई थी.
वाहन नंबर को लेकर पुलिस-यूनियन में भिड़ंत, टला पोस्टमार्टम
इधर, धनबाद पोस्टमार्टम हाउस में पुलिस और यूनियन नेताओं के बीच दो घंटे तक बहस हुई, जिसके कारण शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका. पुलिस हादसे का शिकार हुए होलपैक का रजिस्ट्रेशन नंबर मांग रही थी, जबकि यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि बीसीसीएल माइंस के अंदर चलने वाले इन भारी वाहनों का कोई सामान्य रजिस्ट्रेशन नहीं होता है. पुलिस के नहीं मानने के कारण अब शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा.
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