नहीं मिलेगा ACP-MACP का लाभ

झारखंड के प्रारंभिक शिक्षकों को नहीं मिलेगा ACP-MACP का लाभ, सरकार ने जारी किया आदेश 

झारखंड के राजकीयकृत प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए राज्य सरकार ने एसीपी (Assured Career Progression) और एमएसीपी (Modified Assured Career Progression) योजना को लेकर स्थिति स्पष्ट कर द

By : Ark Sahuliyar
झारखंड के प्रारंभिक शिक्षकों को नहीं मिलेगा ACP-MACP का लाभ, सरकार ने जारी किया आदेश 

न्यूज़11 भारत 
रांची/डेस्क:
झारखंड के राजकीयकृत प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए राज्य सरकार ने एसीपी (Assured Career Progression) और एमएसीपी (Modified Assured Career Progression) योजना को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि राज्य के प्रारंभिक शिक्षकों को इन दोनों योजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा. विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह की ओर से शुक्रवार को इस संबंध में आधिकारिक निर्णय जारी किया गया. यह फैसला झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश के बाद गठित उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट और विभागीय समीक्षा के आधार पर लिया गया है.

हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई थी समीक्षा
मामला झारखंड हाईकोर्ट में दायर एक याचिका से जुड़ा था, जिसमें प्राथमिक शिक्षकों को अन्य सरकारी कर्मियों की तरह एमएसीपी का लाभ देने की मांग की गई थी. सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह निर्धारित अवधि के भीतर इस विषय पर अंतिम निर्णय ले. हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्राथमिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई. समिति में वित्त विभाग और विधि विभाग के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया. समिति ने संबंधित नियमों, वित्तीय प्रावधानों और सेवा संरचना की विस्तृत समीक्षा करने के बाद अपनी अनुशंसा सरकार को सौंपी.

सरकार ने क्यों ठुकराई ACP-MACP की मांग?
शिक्षा विभाग के अनुसार, प्रारंभिक शिक्षकों के लिए पहले से अलग प्रोन्नति व्यवस्था लागू है. वर्ष 1993 की प्रोन्नति नियमावली के स्थान पर अब झारखंड राजकीयकृत प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक प्रोन्नति नियमावली-2025 प्रभावी है, जिसके तहत शिक्षकों को समय-समय पर पदोन्नति और उच्चतर वेतनमान का लाभ मिलता है. इसके अलावा, वित्त विभाग के संकल्प संख्या 2981 में स्पष्ट प्रावधान है कि जिन कर्मचारियों या शिक्षकों के लिए अलग से विशेष प्रोन्नति योजना लागू है, उन्हें एसीपी या एमएसीपी योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा. सरकार का कहना है कि चूंकि प्रारंभिक शिक्षकों के लिए अलग कैरियर प्रगति प्रणाली पहले से मौजूद है, इसलिए दोहरी वित्तीय उन्नयन व्यवस्था लागू नहीं की जा सकती.

प्रोन्नति की व्यवस्था पहले से लागू
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि शिक्षकों को सेवा अवधि और योग्यता के आधार पर विभिन्न ग्रेड में पदोन्नति का अवसर मिलता है. निर्धारित वर्षों की सेवा पूरी करने और आवश्यक शैक्षणिक एवं अन्य पात्रताएं पूरी करने पर शिक्षक क्रमवार उच्च ग्रेड और वेतनमान प्राप्त कर सकते हैं. विभाग के अनुसार, ग्रेड-2 से लेकर ग्रेड-8 तक पदोन्नति के लिए अलग-अलग सेवा अवधि और योग्यता निर्धारित है. वहीं प्रधानाध्यापक बनने के लिए भी अलग पात्रता और न्यूनतम सेवा अवधि तय की गई है.

सरकार का अंतिम निर्णय
उच्चस्तरीय समिति की अनुशंसाओं पर विचार करने के बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रारंभिक विद्यालयों के शिक्षकों को विभागीय प्रोन्नति नियमावली के तहत पहले से ही वित्तीय उन्नयन और उच्चतर वेतनमान का लाभ मिलता है. ऐसे में राज्य के प्रारंभिक शिक्षकों को एसीपी या एमएसीपी योजना का अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा.

यह भी पढ़ें- रांची के कई इलाकों में 25 जुलाई को बिजली रहेगी बाधित, RDSS कार्य और यूटिलिटी शिफ्टिंग के चलते कटौती, देखें पूरी डिटेल्स 

 

संबंधित सामग्री

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

झारखंड हाईकोर्ट ने रामगढ़ के गांदके गांव में नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है.

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अभिलाष साहू को निलंबन मुक्त किए जाने के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट हैं.

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

झारखंड हाई कोर्ट ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में अनुकंपा के आधार पर नौकरी को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला सुनाया है.

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियरिंग सेल में लंबे समय तक संविदा पर काम करने वाले नौ कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है.

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

झारखंड हाईकोर्ट ने गैर-औपचारिक शिक्षा योजना में काम कर चुके 35 सुपरवाइजरों को झारखंड सरकार की नियमित सेवा में शामिल करने की मांग खारिज कर दी है.