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सिमडेगा/डेस्क: अपर मुख्य सचिव-सह-खाद्य सुरक्षा आयुक्त एवं अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, सिमडेगा के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शनिवार को सिमडेगा शहरी क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया. अभियान के दौरान भ्रामक दावे, मिस लेबलिंग, अमानक एवं एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों की जांच की गई. जांच के क्रम में कई प्रतिष्ठानों से ऐसी खाद्य सामग्री बरामद हुई, जिनकी बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई.
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पतंजलि आरोग्य चिकित्सालय, महावीर चौक, सिमडेगा में जांच के दौरान 100 प्रतिशत दूध बिस्किट सहित भ्रामक दावे वाले कुछ खाद्य पदार्थ बरामद किए. प्रतिष्ठान से पतंजलि लाल मिर्च पाउडर, पतंजलि काली मिर्च पापड़ एवं पतंजलि मैंगो ड्रिंक भी मिले, जिनकी समय-सीमा समाप्त हो चुकी थी. विभाग ने संबंधित खाद्य सामग्री को जब्त करते हुए इनके अगले आदेश तक बिक्री पर रोक लगा दी.
इसी क्रम में न्यू गोयल स्टोर, महावीर चौक में भी जांच की गई. यहां से मॉन्स्टर एनर्जी ड्रिंक और किंडर जॉय समेत भ्रामक दावे वाले खाद्य पदार्थ बरामद किए गए. विभाग ने इन उत्पादों की बिक्री पर भी अगले आदेश तक रोक लगाने की कार्रवाई की.
इसके अलावा ओम साईं किराना स्टोर, एसडीओबीआई गली, सिमडेगा, गोयल स्टोर महावीर चौक, बंसल स्टोर, रामजानकी मंदिर रोड, न्यू गृहस्थी एवं वसुंधरा डेयरी समेत विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों में भ्रामक दावे, मिस लेबलिंग एवं अमानक खाद्य पदार्थों की जांच की गई.
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, सिमडेगा ने सभी खाद्य व्यवसायियों को निर्देश दिया है कि भ्रामक दावों, मिस लेबलिंग एवं अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री तत्काल बंद करें. निरीक्षण के दौरान यदि ऐसे उत्पाद दोबारा पाए जाते हैं तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी.
विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि खाद्य सामग्री खरीदते समय एक्सपियरिंग डेट, लेबल और पैकेजिंग की जानकारी अवश्य जांचें. किसी उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने अथवा खाद्य पदार्थ में गड़बड़ी मिलने पर तत्काल खाद्य सुरक्षा कार्यालय को इसकी सूचना दें. विभाग का कहना है कि लोगों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और इस दिशा में जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा.