संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत
पलामू/डेस्क: एम.के. डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, डाल्टनगंज में नव-निर्मित एवं अत्याधुनिक भौतिकी, रसायन विज्ञान तथा जीव विज्ञान प्रयोगशालाओं का भव्य उद्घाटन किया गया. यह अवसर विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को अनुभवात्मक एवं अनुसंधान-आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ.
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मधुर स्वागत गीत से हुआ. इसके पश्चात विद्यालय परिवार ने मुख्य अतिथि पलामू के जिला शिक्षा पदाधिकारी डॉ. संदीप कुमार का पौधा भेंट कर स्वागत किया. इस अवसर पर डी.ए.वी. इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजीव श्रीवास्तव, एल.एम.सी. सदस्य सरदार गुरबीर सिंह तथा वार्ड संख्या-21 के पार्षद सरदार साहेब सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ाई.
मुख्य अतिथि डॉ. संदीप कुमार ने तीनों प्रयोगशालाओं का विधिवत उद्घाटन किया तथा उनका अवलोकन किया. आधुनिक उपकरणों एवं सुव्यवस्थित कार्यस्थलों से सुसज्जित इन प्रयोगशालाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष प्रयोगों एवं वैज्ञानिक गतिविधियों के माध्यम से विषयों की गहन समझ विकसित करने का अवसर प्रदान करना है. इस दौरान अतिथियों ने विद्यार्थियों से संवाद किया तथा विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए इसे गुणवत्तापूर्ण विज्ञान शिक्षा की दिशा में सराहनीय प्रयास बताया.
भौतिकी प्रयोगशाला में गति, प्रकाशिकी, विद्युत, चुंबकत्व तथा तरंगों से संबंधित सिद्धांतों को प्रयोगों के माध्यम से समझने की सुविधा उपलब्ध है, जिससे विद्यार्थी गणितीय अवधारणाओं को वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ सकेंगे.
रसायन विज्ञान प्रयोगशाला में गुणात्मक विश्लेषण, आयतनमितीय विश्लेषण, विलयन निर्माण तथा विभिन्न रासायनिक अभिक्रियाओं का सुरक्षित एवं व्यवस्थित अध्ययन कराया जाएगा, जिससे विद्यार्थी पदार्थों के गुण एवं व्यवहार को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझ सकेंगे.
जीव विज्ञान प्रयोगशाला में सूक्ष्मदर्शी का उपयोग, स्लाइड निर्माण, विभिन्न नमूनों का अवलोकन तथा जीवित प्रणालियों के अध्ययन की आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जो विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टि एवं सूक्ष्म अवलोकन की क्षमता का विकास करेंगी.
विद्यालय की ये प्रयोगशालाएँ राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की उस भावना को साकार करती हैं, जिसमें जिज्ञासा-आधारित, अनुभवात्मक एवं अनुसंधानपरक शिक्षा पर विशेष बल दिया गया है. इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से विद्यार्थी प्रश्न पूछने, परिकल्पनाओं की जाँच करने तथा तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष निकालने की क्षमता विकसित करेंगे, जिससे उनमें तार्किक सोच, विश्लेषणात्मक दृष्टि एवं वैज्ञानिक स्वभाव का विकास होगा.
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि डॉ. संदीप कुमार ने कहा कि प्रयोगशालाएँ वे स्थान हैं जहाँ ज्ञान अनुभव के माध्यम से गहराई प्राप्त करता है. उन्होंने विद्यार्थियों से वैज्ञानिक प्रयोगों में सूक्ष्म अवलोकन, ईमानदारी तथा जिज्ञासु दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया और कहा कि यही गुण सार्थक वैज्ञानिक शिक्षा की आधारशिला हैं.
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती इंद्राणी चटर्जी ने अपने संबोधन में कहा कि इन प्रयोगशालाओं की परिकल्पना ऐसे शिक्षण स्थलों के रूप में की गई है जहाँ विद्यार्थियों की जिज्ञासा अनुसंधान एवं प्रयोगों के माध्यम से वास्तविक ज्ञान में परिवर्तित होगी. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को वैज्ञानिक अवधारणाओं का स्वयं परीक्षण, विश्लेषण एवं सत्यापन करने का अवसर देना आवश्यक है, ताकि वे तर्क, प्रमाण एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से युक्त स्वतंत्र चिंतक बन सकें. उन्होंने इन प्रयोगशालाओं को ऐसा स्थान बताया जहाँ ज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित न रहकर प्रत्यक्ष अनुभव का रूप लेता है.
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नई प्रयोगशालाओं के प्रति उत्साह व्यक्त किया. ये अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ विद्यालय की आधारभूत संरचना में केवल एक नई उपलब्धि नहीं हैं, बल्कि भविष्य के वैज्ञानिकों एवं नवाचारकर्ताओं के लिए जिज्ञासा, अनुशासन, अनुसंधान और खोज की प्रेरणादायी प्रयोगभूमि सिद्ध होंगी.
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