पंकज कुमार/न्यूज़11 भारत
गुमला/डेस्क: केंद्रीय पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति, झारखंड के आह्वान पर मंगलवार को आयोजित घाघरा बंद का व्यापक असर देखने को मिला. राज्य के सात जिलों में रोस्टर के तहत ओबीसी आरक्षण को शून्य किए जाने और जनगणना में पिछड़ा वर्ग के लिए अलग कॉलम शामिल नहीं किए जाने के विरोध में ओबीसी समाज के लोग सुबह से ही सड़कों पर उतर आए. बंद समर्थकों ने घाघरा के टावर चौक समेत प्रमुख मार्गों पर चक्का जाम कर दिया. इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और बाजार एवं सड़क की सामान्य गतिविधियां भी थम गईं.
सुबह से सड़कों पर डटे रहे बंद समर्थक
बंद को लेकर सुबह से ही ओबीसी समाज के लोग विभिन्न स्थानों पर जुटने लगे. बंद समर्थकों ने शांतिपूर्ण तरीके से सड़क पर बैठकर वाहनों की आवाजाही रोक दी. घाघरा के प्रमुख चौक चांदनी चौक एवं विभिन्न चौक चौराहों पर लोगों की मौजूदगी के कारण आवागमन बाधित रहा. लंबी दूरी से आने-जाने वाले वाहनों के चालक और राहगीर भी जाम में फंसे रहे.
ओबीसी समाज के हक और अधिकार की लड़ाई है प्रदीप प्रसाद
केंद्रीय पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति के शिव साहू ने कहा कि ओबीसी समाज अपने हक और अधिकार की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहा है. उन्होंने कहा कि बंद का उद्देश्य सरकार तक समाज की मांगों को मजबूती से पहुंचाना और ओबीसी आरक्षण सहित जनगणना में पिछड़ा वर्ग की उचित भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग को सामने रखना है.
जाम में फंसे ट्रक चालकों व राहगीरों के लिए खिचड़ी की व्यवस्था बिंदेश्वर साहू
चक्का जाम के दौरान लंबी दूरी से आने वाले ट्रक चालकों और राहगीरों को परेशानी न हो, इसके लिए समिति की ओर से भोजन-पानी की व्यवस्था की गई. समिति ने जाम में फंसे लोगों के लिए खिचड़ी और सब्जी उपलब्ध कराई. आंदोलन के दौरान समिति के कार्यकर्ता व्यवस्था संभालते नजर आए.
ओबीसी समाज शांतिपूर्ण तरीके से अपने आवाज उठा रही है शिव साहू
घाघरा बंद के दौरान ओबीसी समाज शांतिपूर्ण तरीके से अपने आवाज उठा रहा है. आंदोलन का उद्देश्य सरकार तक हमारी मांगे को मजबूती से पहुंचना है. आरक्षण और जनगणना में पिछड़ा वर्ग की उचित भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग को लेकर समाज एकजुट है.