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सिमडेगा/डेस्क: सिमडेगा के कुरडेग प्रखंड के राजकीय कृत मध्य विद्यालय दरीडीह के शिक्षक पर स्कूल के बच्चों और अभिभावक ने लगाए गंभीर आरोप. मास्टर साहब बच्चों से खाना पकाने के लिए मांगते हैं लकड़ी. लकड़ी नहीं देने पर देते हैं स्कूल से निकालने की धमकी.
शास्त्रों में गुरु का स्थान भगवान से बढ़कर बताया गया है. लेकिन लगता है कि गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु वाली परंपरा सतयुग वाली गुरुजी के लिए कही गई थी. वर्तमान में तो गुरुजी इतने स्वार्थी दिखने लगे हैं कि अपने स्वार्थ के लिए अपने छात्र छात्राओं को हंसिए पर खड़ा कर दें. एक ऐसा हीं मामला सिमडेगा जिले के कुरडेग प्रखंड के राज्यकीय कृत मध्य विद्यालय दरीडीह से सामने आया है. जहां पढ़ने वाली मासूम छात्रा और उसके अभिभावक ने स्कूल के शिक्षक जनार्दन प्रसाद गुप्ता पर आरोप लगाए हैं कि मास्टर साहब बच्चों को हर दिन लकड़ी लेकर स्कूल आने का निर्देश देते हैं.
बच्चे लकड़ी लेकर स्कूल नहीं आते हैं तो मास्टर साहब बच्चों को स्कूल से निकालने की धमकी देते हैं. इतना हीं नहीं छात्रा के अभिभावक जनार्दन साय पैकरा ने बताया कि मामले को लेकर जब वे जिला शिक्षा अधीक्षक के आ रहे थे तो उक्त शिक्षक ने उन्हें फोन पर धमकी भी दी कि जहां जाना है जाओ, कोई मेरा कुछ नहीं कर सकता है.
अब मास्टर साहब को इतनी हिम्मत कहां से आई कि उन्होंने खुले रूप में छात्रा के अभिभावक को हीं धमकी दे डाली कि उनका कोई कुछ नहीं कर सकता है. खैर ये जांच का विषय है कि मास्टर साहब के इस हिम्मत के तह में किसका सपोर्ट है. लेकिन मामला अब लिखित रूप से जिला शिक्षा अधीक्षक के पास पहुंच गया है. जिला शिक्षा अधीक्षक ने कहा कि उनके पास मामला आया है जिन शिक्षक द्वारा मध्यान भोजन पकाने के लिए लकड़ी की मांग की शिकायत मिली है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच करने के बाद दोषी पाए जाने पर उक्त शिक्षक के ऊपर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी.
शिक्षा विभाग के आला अधिकारी जिला शिक्षा अधीक्षक ने तो कार्रवाई की बात कही है. लेकिन क्या, कब और कैसी करवाई होगी ये तो आने वाला वक्त बताएगा. लेकिन किसी शिक्षक का ऐसा रवैया बच्चों को मानसिक टॉर्चर कर उनकी शिक्षा के लिए बड़ा खतरा है.
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