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रांची/डेस्क: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा एवं ऐतिहासिक कदम उठाया है. राजकीय होम्योपैथिक महाविद्यालय एवं अस्पताल, परसापानी (गोड्डा) में 6 नए लेक्चररों की नियुक्ति की गई है. यह निर्णय राज्य में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने, पठन-पाठन की व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी द्वारा इस महाविद्यालय के लिए 4 लेक्चररों की नियुक्ति की जा चुकी है. लगातार हो रही नियुक्तियां इस बात का प्रमाण हैं कि राज्य सरकार होम्योपैथिक शिक्षा को मजबूत करने तथा संस्थान के सुचारु संचालन के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है.
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि उनका उद्देश्य स्पष्ट है—झारखंड के प्रत्येक छात्र-छात्रा को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और राज्य के चिकित्सा संस्थानों को उत्कृष्ट बनाना. उन्होंने कहा कि "मैं किसी भी कीमत पर इस कॉलेज को बंद नहीं होने दूंगा. इरफान अंसारी कॉलेज खोलने और उन्हें मजबूत करने का काम करता है, बंद करने का नहीं. आज झारखंड में मेडिकल कॉलेजों और नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना का कार्य तेजी से हो रहा है. जो काम राज्य गठन के बाद वर्षों तक नहीं हो सका, उसे हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है."
उन्होंने कहा कि एक डॉक्टर होने के नाते स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी को वे केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि जनसेवा का मिशन मानते हैं. "दिन-रात मेहनत कर स्वास्थ्य व्यवस्था और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करना मेरी प्राथमिकता है. मेरी सबसे बड़ी इच्छा है कि झारखंड के बच्चे उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त करें, योग्य डॉक्टर बनें और देश-दुनिया में राज्य का नाम रोशन करें."
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कॉलेज और अस्पताल शिक्षा एवं सेवा के केंद्र हैं, राजनीतिक गतिविधियों के नहीं. उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की मूलभूत आवश्यकता, संसाधनों की कमी या अन्य समस्या है तो उसे सीधे उनके संज्ञान में लाया जाए. मीडिया या राजनीति के माध्यम से माहौल खराब करने के बजाय समाधान की दिशा में सहयोग किया जाए.
उन्होंने कहा, "मैं व्यवस्था बदलने आया हूं, राजनीति करने नहीं. दुर्भाग्य से कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए संस्थानों का माहौल खराब करने का प्रयास करते हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मैं सभी से अपील करता हूं कि सकारात्मक सोच के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग करें. कोई भी समस्या हो, सीधे मुझे बताइए, उसका त्वरित समाधान किया जाएगा."
डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि शिक्षकों की लगातार नियुक्ति का उद्देश्य महाविद्यालय में नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित करना है. उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले दिनों में कॉलेज के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे. वे स्वयं जल्द ही महाविद्यालय का दौरा करेंगे, सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे तथा आवश्यक सुधारों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करेंगे.
उन्होंने उपायुक्त को भी निर्देश दिया है कि महाविद्यालय एवं अस्पताल का संचालन सुचारु रूप से हो, परिसर में सकारात्मक एवं शैक्षणिक वातावरण बना रहे, किसी प्रकार की अनावश्यक राजनीति न होने पाए तथा छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा एवं सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए. डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड सरकार का लक्ष्य केवल भवन बनाना नहीं, बल्कि ऐसे मजबूत चिकित्सा संस्थान तैयार करना है जहां से निकलने वाले डॉक्टर राज्य और देश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं.